वायदों से पीछे नहीं हटेगी AAP सरकार
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दिल्ली विधानसभा सत्र के चौथे दिन उपराज्यपाल नजीब जंग ने अभिभाषण में आम आदमी पार्टी की सरकार के वायदों को दोहराया। उन्होंने कहा कि बिजली कंपनियों के निजीकरण के समय से उनकी लेखा परीक्षा कराई जाएगी। सरकार ऐसी बिजली कंपनियों के लाइसेंस रद्द करने को तैयार है, जो कंपनियां लेखा परीक्षा में सहयोग नहीं करेंगी।
करीब दस मिनट के अभिभाषण में सरकार की तरफ से दिए नोट को पढ़ा और दो लाइन का शेर -‘सितारों से आगे जहां और भी है। अभी इश्क ये इम्तिहां और भी है...’ पढ़ कर अभिभाषण का समापन किया। उन्होंने इस शेर से यह साफ किया कि वायदे पूरे करना आसान भी नहीं है।
इन मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करेगी सरकार
उपराज्यपाल ने अभिभाषण में बिजली कंपनियों के ऑडिट पर सख्ती, निजी स्कूलों में चंदा बंद करने के साथ फीस में पारदर्शिता, वैट सरलीकरण और दरों की समीक्षा, मोहल्लासभा से योजनाओं में नागरिक भागीदारी, अन्ना हजारे वाले लोकपाल कानून को मंजूरी, पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने के लिए केन्द्र सरकार से बातचीत, अनधिकृत कालोनियों का समयबद्ध तरीके से एक साल में नियमन, और महिला सुरक्षा के लिए नई अदालतों के गठन के वायदे को दोहराया।
उपराज्यपाल ने 500 नए सरकारी स्कूल खोलने के अलावा सरकारी स्कूलों को बेहतर बनाना, सरकारी अस्पतालों में निजी अस्पतालों जैसी जांच सुविधाएं, झुग्गीवालों को पक्के मकान, अनुबंध पर काम करने वाले कर्मचारियों को नियमित नौकरी, गांव के किसानों को सब्सिडी दिलाने की तरफ काम करने की बातें नजीब जंग ने अपनी सरकार की तरफ से दोहराई।
6 महीने के भीतर न्यायालय गठित होंगे
उप राज्यपाल ने अपने अभिभाषण में सुरक्षा मुद्दों पर अगल से बाते कहीं। उन्होंने कहा कि सरकार लड़कियों और महिला सुरक्षा के उचित व्यवस्था के लिए प्रतिबद्ध है।
महिला और लड़कियों के उत्पीड़न से जुड़े सभी मामलों का निपटारा तीन महीने के भीतर किए जा सकें इसके लिए नई अदालतें गठित की जाएंगी। अन्य मामलों का निपटारा 6 महीने में करने के लिए भी पर्याप्त संख्या में अदालतें गठित की जाएंगी और न्यायाधीश नियुक्त किए जाएंगे।
भ्रष्टाचार समाप्त करने का रोड मैप नहीं: हर्षवर्धन
उपराज्यपाल का अभिभाषण अभी तक का सबसे छोटा और निराशाजनक है। भ्रष्टाचार के विषय पर सबसे ज्यादा निराश हुई है। पिछली सरकार के मंत्री व अधिकारियों के भ्रष्टाचार की जांच कैसे करेंगे, इसका कोई रोड मैप नहीं। अभिभाषण से भ्रष्टाचार का मुद्दा गायब है। घोषणापत्र की हेडिंग उठाकर, इसमें शामिल कर दिया गया है।
उन्होंने कहा कि उम्मीद थी कि अभिभाषण में सरकार अपने वायदों को पूरा करने का कुछ रोड मैप देगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इतना छोटा अभिभाषण भी कभी पहले नहीं हुआ है।
लाइसेंस रद्द करने का बयान कुछ धमकी सी है: लवली
उपराज्यपाल के अभिभाषण से दिल्ली की जनता को ठेस पहुंची है। इस दस्तावेज में न तो आम आदमी पार्टी की विकास योजना की ठोस नीति का जिक्र है न ही प्रशासन को चुस्त बनाने के लिए कोई नई दिशा है।
इससे यह सिद्ध होता है कि सरकार के पास आम आदमी को राहत पहुंचाने का कोई रोड मैप नहीं है। बिजली कंपनी का लाइसेंस रद्द करने वाला बयान ऐसा है जिससे लगता है कि पार्टी, कंपनियों को अपने पास बुलाने के लिए धमकी का इस्तेमाल कर रही है।