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यूपी की अंतिम सूची के लिए भाजपा में सबसे ज्यादा माथापच्ची, इन आठ सीटों पर नए चेहरे की तालाश
Thu, 28 Mar 2019 05:25 AM IST
शाहरुख खान
हिमांशु मिश्र, अमर उजाला, नई दिल्ली
हिमांशु मिश्र, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शाहरुख खान
Updated Thu, 28 Mar 2019 05:25 AM IST
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फाइल फोटो
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भाजपा नेतृत्व उत्तर प्रदेश की बाकी बची 19 में से अपने हिस्से की 17 सीटों पर उम्मीदवार तय करने में सर्वाधिक माथापच्ची कर रही है। चूंकि पार्टी के हिस्से की सीटों में सीएम और डिप्टी सीएम की सीट रही गोरखपुर-फूलपुर के साथ हाईप्रोफाइल रायबरेली की सीट शामिल है।
इसलिए भी पार्टी को कुछ ज्यादा ही माथापच्ची करनी पड़ रही है। इसके अलावा चुनाव न लडने की घोषणा कर चुके कलराज मिश्र-उमा भारती की सीटों देवरिया-झांसी के अलावा पार्टी को भदोही सीट पर भी नया चेहरा उतारना होगा, इसलिए केंद्रीय नेतृत्व लगातार राज्य इकाई के संपर्क में है।
दरअसल भजापा यूपी में अब तक 80 में से 61 उम्मीदवार घोषित कर चुकी है। अपने हिस्से की बाकी बची 17 सीटों में से 11 सीटों पर पार्टी का कब्जा रहा है। इनमें से तीन सांसद पहले ही टिकट की दौर से बाहर हो चुके हैं, जबकि बाकी बचे 8 सीटों में से 4 सीटों से संबंधित सांसदों की रिपोर्ट बेहद खराब है।
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चूंकि पार्टी को सीएम और डिपटी सीएम की सीटें उपचुनाव में हार कर भारी किरकिरी का सामना करना पड़ा था। इसलिए पार्टी इन सीटों पर इस बार कोई खतरा नहीं उठाना चाहती। इसके अलावा पार्टी की योजना किसी बड़े चेहरे को कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी की सीट रायबरेली में उतारने की है। यही कारण है कि बाकी बची सीटों पर माथापच्ची का दौर अब भी जारी है।
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इसलिए भी पार्टी को कुछ ज्यादा ही माथापच्ची करनी पड़ रही है। इसके अलावा चुनाव न लडने की घोषणा कर चुके कलराज मिश्र-उमा भारती की सीटों देवरिया-झांसी के अलावा पार्टी को भदोही सीट पर भी नया चेहरा उतारना होगा, इसलिए केंद्रीय नेतृत्व लगातार राज्य इकाई के संपर्क में है।
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दरअसल भजापा यूपी में अब तक 80 में से 61 उम्मीदवार घोषित कर चुकी है। अपने हिस्से की बाकी बची 17 सीटों में से 11 सीटों पर पार्टी का कब्जा रहा है। इनमें से तीन सांसद पहले ही टिकट की दौर से बाहर हो चुके हैं, जबकि बाकी बचे 8 सीटों में से 4 सीटों से संबंधित सांसदों की रिपोर्ट बेहद खराब है।
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चूंकि पार्टी को सीएम और डिपटी सीएम की सीटें उपचुनाव में हार कर भारी किरकिरी का सामना करना पड़ा था। इसलिए पार्टी इन सीटों पर इस बार कोई खतरा नहीं उठाना चाहती। इसके अलावा पार्टी की योजना किसी बड़े चेहरे को कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी की सीट रायबरेली में उतारने की है। यही कारण है कि बाकी बची सीटों पर माथापच्ची का दौर अब भी जारी है।
अंतिम सूची में कटेंगे सर्वाधिक टिकट
पार्टी को अभी हरियाणा और राजस्थान की 10-10 , यूपी की 17, मध्यप्रदेश की 14, राजस्थान की 10 और दिल्ली की सभी 7 सीटों पर उम्मीदवार घोषित करने हैं। पार्टी इन राज्यों में कई वर्तमान सांसदों को टिकट से वंचित करने के मूड में है। मसलन यूपी में उमा, कलराज सहित सात सीटों पर उम्मीदवार बदला जाना तय है।
दिल्ली और हरियाणा में भी 4-4 सीटों पर उम्मीदवार बदले जाने हैं। इसके अलावा पार्टी राजस्थान और मध्य प्रदेश में बड़ी संख्या में वर्तमान सांसदों को चलता कर सत्ता विरोधी लहर को थामना चाहती है। गौरतलब है कि पार्टी अब तक 65 वर्तमान सांसदों, चार बागी सांसदों को टिकट से वंचित कर चुकी है।
इन सीटों पर चुनाव बाकी
अंबेडकरनगर, आजमगढ़, बांदा, भदोही, देवरिया, फिरोजाबाद, घोषी, गोरखपुर, फूलपुर, जौनपुर, झांसी, लालगंज, मछलीशहर, मैनपुरी, प्रतापगढ़, मिर्जापुर, रायबरेली, राबर्टगंज, संतकबीर नगर
दिल्ली और हरियाणा में भी 4-4 सीटों पर उम्मीदवार बदले जाने हैं। इसके अलावा पार्टी राजस्थान और मध्य प्रदेश में बड़ी संख्या में वर्तमान सांसदों को चलता कर सत्ता विरोधी लहर को थामना चाहती है। गौरतलब है कि पार्टी अब तक 65 वर्तमान सांसदों, चार बागी सांसदों को टिकट से वंचित कर चुकी है।
इन सीटों पर चुनाव बाकी
अंबेडकरनगर, आजमगढ़, बांदा, भदोही, देवरिया, फिरोजाबाद, घोषी, गोरखपुर, फूलपुर, जौनपुर, झांसी, लालगंज, मछलीशहर, मैनपुरी, प्रतापगढ़, मिर्जापुर, रायबरेली, राबर्टगंज, संतकबीर नगर