दिल्ली : नगर निगम के उपचुनाव जारी, पहले दो घंटे में हुआ 10.5 फीसदी मतदान
- चुनाव आयोग ने पूरी तैयारी के बीच मतदान केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की
- 6,68,870 मतदाता करेंगे 94 उम्मीदवारों के भाग्य ईवीएम मशीनों में बंद
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तीनों नगर निगम के 13 वार्डों के उपचुनाव के लिए रविवार को मतदान शुरु हो गया। इन वार्डों में रहने वाले मतदाता सुबह 8 से शाम 5 बजे तक मतदान कर सकेंगे। उधर, दिल्ली राज्य चुनाव आयोग ने रविवार को होने वाले उपचुनाव की पूरी तैयारी कर ली।
आयोग ने 13 वार्डों के चुनाव पर नजर रखने के लिए दो स्तर पर टीम बनाई है। आरओ और एआरओ की अगुवाई में टीमें पूरा दिन इलाके में रहेगी। चुनाव में इस बार टेक्नोलॉजी पर खास जोर दिया गया है।
चुनाव आयोग व दिल्ली पुलिस ने तीनों नगर निगम के 13 वार्डों के होने वाले उपचुनाव में 200 पोलिंग सेंटर अति संवेदनशील और संवेदनशील घोषित किए हैं। वैसे तो सभी 13 निगम वार्डों में संवेदनशील पोलिंग स्टेशन हैं, लेकिन नवादा, कमरुद्दीन नगर, बल्लीमारान, वजीरपुर, तेखंड, मटियाला में इनकी संख्या अधिक है।
ताजा जानकारी के मुताबिक चुनाव में पहले दो घंटे में सुबह दस बजे तक 10.5 फीसदी वोटिंग दर्ज की गई। इसमें से तेखंड में सबसे ज्यादा 14.5 फीसदी मतदान हुआ जबकि बल्लीमारान में 7 फीसदी मतदान किया गया।
17 मई को आएंगे परिणाम
आयोग ने उपचुनाव में 13 रिटर्निंग अधिकारी और 13 चुनाव पर्यवेक्षक को मतदान संबंधी किए गए प्रबंधों की देखरेख करने की जिम्मेदारी दी है। उनके साथ के एक टीम होगी जो वीडियो रिकार्डिंग करेगी।
मतदान में ईवीएम का प्रयोग होगा। कर्मचारियों की 694 टीमें मतदान केंद्रों पर तैनात की गई हैं जिसमें प्रत्येक टीम में एक पीठासीन अधिकारी, तीन पोलिंग अधिकारी व एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी होगा।
उपचुनाव में भाजपा, कांग्रेस व आम आदमी पार्टी के उम्मीदवारों समेत 94 उम्मीदवार किस्मत आजमा रहे हैं। इन 13 वार्डों में 6,68,870 मतदाता उम्मीदवारों की हार-जीत का फैसला करेंगे। परिणाम 17 मई को आएंगे।
अधिकारियों व कर्मचारियों को सख्त निर्देश
चुनाव आयोग ने पोलिंग स्टेशनों पर तैनात पुलिस से लेकर अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। उनको कहा गया है कि वे ऐसे किसी भी व्यक्ति को अंदर नहीं आने दें जिनके पास किसी भी प्रकार का पहचान पत्र न हो।
ऐसा कोई भी व्यक्ति पोलिंग स्टेशन के अंदर जाने की कोशिश करे तो उसे हिरासत में ले लिया जाए। इसके अलावा पोलिंग स्टेशनों के 200 मीटर के दायरे में उम्मीदवारों के समर्थकों की कोई भी गतिविधियां नहीं होने दें।
मतदाता पर्ची बनाने के लिए उम्मीदवारों के समर्थकों को टेबल नहीं लगाने दे और उनको चुनाव चिह्न संबंधी झंडा आदि भी लगाने की इजाजत नहीं है। वे केवल कुर्सी लगा सकते हैं या फिर दरी बिछाकर बैठ सकते हैं।