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मदद के बहाने नेत्रहीन छात्रा से गैंगरेप के दोषियों को उम्रकैद, आवाज सुन आरोपियों को पहचाना
अरुण कुमार/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Fri, 29 Sep 2017 09:42 AM IST
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बेहतर भविष्य का सपना पूरा करने के लिए देहरादून जाकर पढ़ाई करने की उम्मीद में घर से निकली नेत्रहीन छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म के मामले में अदालत ने तीन लोगों को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। दोषियों ने छात्रा को ट्रेन में बैठाने के बहाने सुनसान जगह लेजाकर इस वारदात को अंजाम दिया था।
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आवाज सुनकर आरोपियों की पहचान की
तीस हजारी अदालत के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश रमेश कुमार ने सुनवाई के दौरान पीड़िता के बयानों और पेश किए सबूतों को सही पाया। अदालत ने बीरू, इस्लाम और रमेश नामक तीनों आरोपियों को आईपीसी की धारा 376 (डी), 376 (2)(1), 366 और 506 के तहत दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई।
इस मामले में 16 गवाहों की गवाही और दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद अदालत ने कहा कि नेत्रहीन छात्रा की गवाही एक अहम सुबूत है और उसके पास ऐसा कोई आधार नहीं की वह किसी पर गलत आरोप लगाए।
तीस हजारी अदालत के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश रमेश कुमार ने सुनवाई के दौरान पीड़िता के बयानों और पेश किए सबूतों को सही पाया। अदालत ने बीरू, इस्लाम और रमेश नामक तीनों आरोपियों को आईपीसी की धारा 376 (डी), 376 (2)(1), 366 और 506 के तहत दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई।
इस मामले में 16 गवाहों की गवाही और दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद अदालत ने कहा कि नेत्रहीन छात्रा की गवाही एक अहम सुबूत है और उसके पास ऐसा कोई आधार नहीं की वह किसी पर गलत आरोप लगाए।
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गवाही के दौरान पीड़िता ने तीनों की आवाज पहचान ली। मामले की गंभीरता को देखते हुए अदालत ने कहा कि पेश किए गए सबूतों और पीड़िता द्वारा आवाज पहचानने से यह सिद्ध होता है कि तीनों ने मिलकर पीड़िता के साथ दुष्कर्म किया। लिहाजा दोषी किसी भी तरह की नरमी के हकदार नहीं हैं।
अभियोजन पक्ष ने अदालत में दलील दी कि करीब दो वर्ष पहले 2015 में 12 वीं कक्षा की छात्रा देहरादून जाने के लिए निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन से ट्रेन पकडने के लिए घर से निकली थी। छात्रा अपनी आगे की पढ़ाई करने के लिए देहरादून जा रही थी।
अभियोजन पक्ष ने अदालत में दलील दी कि करीब दो वर्ष पहले 2015 में 12 वीं कक्षा की छात्रा देहरादून जाने के लिए निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन से ट्रेन पकडने के लिए घर से निकली थी। छात्रा अपनी आगे की पढ़ाई करने के लिए देहरादून जा रही थी।
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घर में घुसकर गैंगरेप की कोशिश
इसी बीच रेलवे स्टेशन से कुछ दूरी पर छात्रा को तीनों युवक मिले और छात्रा को ट्रेन में बैठाने का झांसा देकर उसे रेलवे स्टेशन के पास स्थित सुनसान जगह ले गए। उसके बाद तीनों ने बारी-बारी छात्रा को हवस का शिकार बनाया।
इस वारदात के दौरान जब पीड़िता ने मदद के लिए आवाज लगाई तो आरोपी मौके से भागने लगे,मगर छात्रा ने एक आरोपी बीरू की को पकड़ लिया जबकि उसके अन्य दोनों साथी रमेश और इस्लाम मौके से भागने में कामयाब हो गए। इसके बाद पकड़े गए आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
इस वारदात के दौरान जब पीड़िता ने मदद के लिए आवाज लगाई तो आरोपी मौके से भागने लगे,मगर छात्रा ने एक आरोपी बीरू की को पकड़ लिया जबकि उसके अन्य दोनों साथी रमेश और इस्लाम मौके से भागने में कामयाब हो गए। इसके बाद पकड़े गए आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
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नाबालिग से गैंगरेप की कोशिश
इसके बाद बीरू की निशानदेही पर पुलिस ने दोनों आरोपियों को भी पकड़ लिया। बीरू ग्वालियर मध्यप्रदेश, रमेश मुरैना मध्य प्रदेश जबकि इस्लाम महोबा उत्तरप्रदेश का रहने वाला है। वहीं सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने दलील दी कि उन्हें झूठे मामले में फंसाया जा रहा है और उन्होंने ऐसी किसी भी घटना को अंजाम नहीं दिया है।