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अरबों रुपये की शामलात देह भूमि पर भूमाफियाओं की टेढ़ी नजर
ब्यूरो/अमर उजाला, गुरुग्राम
Updated Sat, 25 Mar 2017 12:15 AM IST
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नगर परिषद विभाग की अरबों रुपये की शामलात देह भूमि पर भूमाफियाओं की टेढ़ी नजर है। भूमाफिया उक्त भूमि को संवैधानिक रूप से अपने नाम दर्ज कराने की जुगत लगा रहे हैं। वह मालिकाना हक दोबारा हासिल करने में जुटे हैं।
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वहीं, स्थानीय परिषद विभाग उक्त भूमि को बचाने के लिए जी-तोड़ कोशिश में लगा है। अधिकारी सरकारी दबाव के चलते केस की पैरवी गंभीरता से कर रहे हैं। जिससे सरकारी भूमि का अस्तित्व बरकरार रह सके।
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गुरुग्राम जिले के ग्वाल पहाड़ी क्षेेत्र की करीब 500 एकड़ सरकारी भूमि का मामला सरकार के लिए गले की फांस बनने से स्थानीय प्रशासन को सोहना परिषद विभाग की शामलात देह भूमि को बचाने की चिंता सताने लगी है।
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उक्त भूमि की कीमत अरबों रुपये में है। जिसका मालिक नगर परिषद सोहना ही हैं, लेकिन प्रशासनिक लापरवाही के चलते भूमि को दबंगों व भूमाफियाओं ने अपने कब्जे में ले रखा हैं। राजस्व विभाग ने करीब 6 साल बीतने के बाद भी उक्त भूमि की निशानदेही नहीं की हैं। जिससे माफिया भूमि को हथियाने के लिए विभिन्न प्रकार के हथकंडे अपना रहे हैं।
कहां है शामलात देह?
ऐसी शामलात देह भूमि में पहाड़, समतल भूमि, शमशान, चारागाह, नदी, नाले, कब्रिस्तान, मकान, दुकान व फार्म हाउस शामिल हैं। जिनका उपयोग लोग निजी रूप से किया जा रहा है।
क्या है मामला?
सोहना कस्बे में वर्ष 1954-55 में हुई चकबंदी के बाद शामलात देह भूमि को अलग चिन्हित किया गया था। जिसमें पहाड़ व समतल भूमि शामिल हैं। जिसका कुल रकबा 15 हजार 172 कनाल 8 मरले हैं। भूमि अधिकांश भूमाफियाओं व अवैध कब्जेदारों के कब्जे में हैं।
लेकिन, 28 नवंबर 2011 में सुप्रीम कोर्ट के आदेशों पर समस्त शामलात देह भूमि को नगर पालिका के अधीन कर दिया था। उक्त भूमि का इंतकाल भी पालिका विभाग के नाम राजस्व रिकार्ड में दर्ज कर मालिकाना हक प्रदान कर दिया था। उक्त भूमि सार्वजनिक उपयोग की हैं।
मामला पहुंचा अदालत?
स्थानीय लोगों व बिश्वेदारों को शामलात देह भूमि की मालिक नगर परिषद बनाना रास नहीं आया। उन्होनें भूमि का सेहत इंतकाल दर्ज कराने की कार्रवाई शुरू की। सूत्र बताते है कि राजस्व रिकॉर्ड ने मूटेशन तो दर्ज कर दिया, लेकिन मंजूरी नहीं दी। निवर्तमान एक तहसीलदार ने मुतनाजा केस बनाकर एसडीएम को भेज दिया। जिन्होेंने दर्ज सेहत इंतकाल को खारिज कर दिया। वर्तमान में याचिका ने उपायुक्त गुरुग्राम अदालत में अपील दायर कर भूमि का सेहत इंतकाल अपने नाम दर्ज कराने की गुहार लगाई हैं।
क्या कहते है अधिकारी?
मामले की पैरवी कर रहे परिषद के भवन निरीक्षक प्रदीप कादियान का कहना है कि मामला उपायुक्त अदालत में विचाराधीन है। जिसमें सुनवाई के लिए आगामी 28 मार्च की तारीख तय गई हैं। निशान देही कर परिषद द्वारा कब्जा ले लिया जाएगा।