फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   land dispute and murder case in noida's kanawani village

कनावनी कांड: दहशत और खौफ बयां करती हैं ये 9 बातें

Sun, 04 May 2014 11:32 AM IST
Updated Sun, 04 May 2014 11:32 AM IST
विज्ञापन
land dispute and murder case in noida's kanawani village

बीते सोमवार को नोएडा के बनावनी गांव में जमीन के लिए हुए खूनी संघर्ष का मातम अभी तक जारी है।

विज्ञापन


एक ओर जहां दलितों के घर उजाड़े जा रहे हैं तो वहीं दूसरी ओर उस इलाके में दलितों के घर में किराए पर रहने वाले लोगों को भी नहीं बख्शा जा रहा है।

संघर्ष में एक पक्ष के युवक की मौत होने के बाद बवाल और बढ़ गया। पुलिस की मौजूदगी के बावजूद पिछले एक सप्ताह से पूरे इलाके में खौफ और दहशत का माहौल बरकरार है।

घर तो छूटा ही नौकरी भी गई

land dispute and murder case in noida's kanawani village

दबंगों के डर से कनावनी गांव में पलायन का दौर जारी है। दलितों के घरों में रहने वाले किराएदारों पर दबाव डाल कर उन्हें पलायन के लिए मजबूर किया जा रहा है।

वहीं, कई बिल्डरों के यहां काम करने वाले गार्ड और ड्राइवर जो दलितों के घरों में किराएदार हैं, उन्हें घर छोड़कर जाना पड़ रहा है और नौकरी से भी हाथ धोना पड़ रहा है।

गांव में दलितों के घरों में रहने वाले किराएदारों का पलायन रोकने में पुलिस और प्रशासन भी असहाय बना हुआ है। वहीं, दलितों के घरों और दुकानों को चला रहे कई और किराएदार अपना सामान बांधने की तैयारी कर रहे हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

'यहां रहना खतरे से खाली नहीं'

land dispute and murder case in noida's kanawani village

एक बिल्डर सोसाइटी में गार्ड के रूप में तैनात मूलरूप से गढ़वाल के रहने वाले सोम सिंह कनावनी में एक दलित के मकान में किराएदार हैं।

उन्होंने बताया कि एक बार इतनी बड़ी घटना होने के बाद अब यहां पर स्वयं या परिवार का रहना खतरे से खाली नहीं है। इसलिए यहां से जा रहे हैं।

पास के एक घर से अपना सामान बांध रहे किराएदार ने अपना नाम न बताते हुए कहा कि उन्हें पूर्व में ही धमकी मिल चुकी थी कि मकान खाली न किया तो कोई बड़ी घटना घट सकती है।

विज्ञापन

बच्चा बीमार है लेकिन बाहर निकलना मुश्किल

land dispute and murder case in noida's kanawani village

दलितों के घरों में किराए पर रहने वाली निशा ने बताया कि मेरा तो एक महीने का बच्चा है। रविवार को उसको पीलिया हुआ था। जिसे लेडी हार्डिंग अस्पताल में एक दिन के लिए भर्ती कराया था।

सोमवार को झगड़े के बाद दहशत के कारण दोबारा चेकअप के लिए नहीं जा पा रहे हैं। आज भी बच्चा काफी बीमार लग रहा है।

शनिवार को दलितों के घरों से पलायन कर रहे किराएदारों से पुलिस ने जानकारी ली तो किराएदारों का कहना था कि ‘जान है तो जहान है।’ हालांकि किसी किराएदार ने पुलिस से शिकायत नहीं की, लेकिन उनका गांव छोड़ कर जाना बदस्तूर जारी है।

‘चार दिन में शादी है, पर यहां कौन आएगा’

land dispute and murder case in noida's kanawani village

दलित के यहां किराए से रहने वाले एक परिवार की लड़की का विवाह सात मई को होना है, लेकिन परिजनों को डर है कि दहशत के चलते यहां कोई रिश्तेदार नहीं आएगा। मजबूरी में वो गाजियाबाद शिफ्ट हो रहे हैं।

घरों में तोड़फोड़ के बाद किराएदारों को भी घर खाली करने का अल्टीमेटम दिया गया है। लिहाजा, अब घर खाली करने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा। लड़की की मां कहती है कि शादी की तैयारियां धरी की धरी रह गई हैं। चार दिन बचे हैं और घर बदलना पड़ रहा है.. मजबूर हैं, क्या करें।

यहां शादी करेंगे तो रिश्तेदार भी नहीं आएंगे और इन हालात में जोखिम कौन ले? उन्होंने कहा कि लड़की के पिता बीमार हैं और हजारों काम होने बाकी हैं।

...सूनी मांग और आंसुओं के निशान

land dispute and murder case in noida's kanawani village

उसकी मांग सूनी है और चेहरे पर आंसुओं के निशान हैं। खाने का होश है न सोने की सुध... वो दिनभर पति की तस्वीर के सामने रोती रहती है। सवा दो महीने पहले कसाना परिवार में सुहागन बनकर आई 19 साल की एक लड़की के सपने कनावनी कांड में चली गोलियों के धमाकों में उजड़ गए।

परिजन बताते हैं कि राहुल की बेवा दिनरात बेसुध रहती है। उसका आज बिखरा हुआ है और कल संवरने का कोई भरोसा नहीं। अकेली वही नहीं है... और भी औरतें हैं। घर की बहू को तो समझाती हैं, पर खुद के आंसू भी नहीं रोके जाते।

23 साल का जवान लड़का चला गया। गम में रोते-रोते कब सांसें उखड़ने लगती हैं.. पता ही नहीं चलता। आंख अस्पताल में खुलती है। राहुल के चचेरे भाई संतराम ने कहा कि स्कूल न उन्होंने ढहाया और न उनके घरवालों ने। वो कहते हैं कि कुछ लोग हैं, जो कसाना परिवार के नाम पर दहशत फैला रहे हैं, पुलिस भी जानती है।

अभी भी फरार हैं 16 आरोपी

land dispute and murder case in noida's kanawani village

संतराम के मुताबिक राहुल के नामजद हत्यारों को पुलिस अब तक गिरफ्तार नहीं कर सकी है। घटना के दिन पकड़े गए तीन आरोपी ही जेल में हैं, बाकी सोलह अब भी बाहर हैं।

उनकी गिरफ्तारी की मांग कई बार पुलिस अधिकारियों से कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि जिस जमीन पर स्कूल बना था, वह सरकारी है और मुकदमा चल रहा था।

अदालत ने उसे तोड़ने के आदेश दिए थे। पैरवी करने के चलते ही दूसरे पक्ष ने रंजिश ठान ली और सत्तर गज के प्लॉट का विवाद खड़ा कर दिया।

'जिसका बेटा मारा गया वही गुनहगार'

land dispute and murder case in noida's kanawani village

कनावनी गांव का दौरा करने के बाद पेश की गई राज्य एससी-एसटी आयोग की रिपोर्ट को मृतक राहुल कसाना के परिवार ने गलत बताया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि राहुल कसाना की मौत गलती से गोली चलने की वजह से हुई है।

परिजनों का कहना है कि दूसरे पक्ष ने ही राहुल कसाना की जान ली है। इंदर कसाना ने आयोग की रिपोर्ट का खंडन करते हुए कहा कि हमारा ही बेटा मारा गया है और हमें ही गुनहगार ठहराया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि रविवार को राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष पीएल पुनिया के कनावनी गांव आने पर इस रिपोर्ट की शिकायत की जाएगी। गौरतलब है कि 30 मई को राज्य एससी-एसटी आयोग की सदस्य किरन आरसी जाटव कनावनी गांव पहुंची थीं। उन्होंने दोनों पक्षों से मुलाकात कर एक रिपोर्ट प्रदेश के मुख्यमंत्री के सामने रखी है।

नेताओं के दौरे भी जारी

land dispute and murder case in noida's kanawani village

भाजपा और सपा नेता शनिवार को कनावनी पहुंचे और इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। राजनेताओं ने मृतक के परिजनों से मुलाकात की और शोक व्यक्त किया।

पिछले कुछ दिनों से चल रहे घटनाक्रम के बाद भाजपा नेता नवाब सिंह नागर, ब्रिजेंद्र नागर और सपा नेता नरेंद्र सिंह भाटी, राजकुमार भाटी, फकीरचंद नागर, सूबे यादव समेत अन्य नेता राहुल कसाना के घर शोक व्यक्त करने पहुंचे। इस दौरान दोनों पार्टियों के नेताओं ने सभी वर्गों से शांति की अपील की।

इसके बाद भाजपा नेता डूब क्षेत्र में दबंगों द्वारा तोड़े गए सिद्धार्थ पब्लिक स्कूल को देखने पहुंचे। भाजपा नेताओं ने सरकार से मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। वहीं, यह भी कहा कि जिन दलितों का नुकसान हुआ है उसकी भरपाई भी की जाए।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed