17 साल बाद पैरों पर खड़ी हुई बुजुर्ग महिला, इस अस्पताल का है मामला
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चिकित्सा जगत में अनोखे केस सामने आना कोई नई बात नहीं है। ऐसा ही मामला राममनोहर लोहिया अस्पताल में सामने आया है। 17 साल से बिस्तर पर लेटी बुजुर्ग महिला अपने पैरों पर खड़ी हो गई। हालांकि वे इससे पहले चार ऑपरेशन करा चुकी थीं।
नई दिल्ली स्थित डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल के हड्डी रोग विशेषज्ञों ने 65 वर्षीय महिला को पैरों पर खड़ा करने में कामयाबी पाई। दिल्ली के सागरपुर निवासी प्रकाश शर्मा बताते हैं कि उनकी मां केसर देवी वर्ष 2000 में एक दुर्घटना के दौरान घायल हो गई थीं।
केसर देवी के कूल्हे में चोट आई। इससे वे चलने-फिरने में असमर्थ हो गईं। कई डॉक्टरों और शहरों के चक्कर लगाने के बाद वे आरएमएल पहुंचे तो पांच महीने के दौरान दो बार ऑपरेशन से उनकी मां अब पैरों पर खड़ी होने लगी हैं।
प्रकाश बताते हैं कि घटना के बाद वे दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल में मां को लेकर पहुंचे। वहां उनके कूल्हे का ऑपरेशन किया गया था, लेकिन इससे कोई फायदा नहीं हुआ। इसके बाद केसर देवी को जयपुर ले जाया गया। वहां इनके तीन और ऑपरेशन हुए। इन सभी ऑपरेशन के बाद खड़ा होना तो दूर, उनका दर्द भी खत्म नहीं हुआ।
आखिरी विकल्प हुआ कारगर
प्रकाश बताते हैं कि चार बार ऑपरेशन कराने के बाद भी उन्हें कहीं परिणाम नहीं मिला तो उनके पूरे परिवार और मां की उम्मीद खत्म हो चुकी थी। हर कोई केसर देवी के जीवन को ही भगवान की मर्जी समझने लगा था। आरएमएल को अंतिम विकल्प मानते हुए वे यहां आए और यह कारगर हुआ।
आरएमएल में हुए दो ऑपरेशन
प्रो. डॉ. अजय शुक्ला बताते हैं कि वह उनके पास आईं तो उनकी चोट में मवाद भरा था। ऑपरेशन के पहले चरण में पुराने इंप्लांट और मवाद निकालकर उसे सुखाया गया। फिर नया इंप्लांट लगाया। फिलहाल मरीज केसर देवी स्वस्थ हैं। धीरे धीरे वह सामान्य रूप से चलने लगेंगी।