फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   labours tying to band in bajaj motors factory

क्या बजाज मोटर्स में हो रही है हड़ताल की तैयारी?

Mon, 14 Apr 2014 06:56 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, गुड़गांव
ब्यूरो/अमर उजाला, गुड़गांव Updated Mon, 14 Apr 2014 06:56 PM IST
विज्ञापन
labours tying to band in bajaj motors factory

बजाज मोटर्स प्रबंधन और श्रमिकों के बीच का विवाद अब नया मोड़ ले सकता है। हिंद मजदूर सभा (एचएमएस) हड़ताल पर बैठे श्रमिकों के समर्थन में पूरी तरह से उतर चुका है।

विज्ञापन


सोमवार को शहर के कमला नेहरू पार्क में एचएमएस और बजाज मोटर्स कर्मियों के साथ बैठक की। इसमें प्रबंधन और सरकार पर दबाव बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। आने वाले कुछ दिनों में गुड़गांव, बावल और धारूहेड़ा के इंडस्ट्रिलय हब की कई कंपनियों में हड़ताल भी हो सकती है।
विज्ञापन


बजाज मोटर्स के कर्मचारी पिछले तकरीबन 50 दिनों से नरसिंहपुर स्थित बजाज मोर्टस कंपनी के गेट के बाहर हड़ातल पर बैठे गए हैं। इनकी मांग है कि प्रबंधन सभी निलंबित 15 कर्मियों को वापस ले। श्रम विभाग की अगुआई में दोनों पक्षों की बात भी कराई गई मगर कोई निर्णय नहीं हो सका। दोनों पक्ष अपनी-अपनी बातों पर अड़े हुए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


बजाज मोटर्स यूनियन के अध्यक्ष बिजेंदर सिंह गिल ने बताया कि प्रबंधन शांति की भाषा नहीं समझ रहा है। हड़ताल पर बैठे कर्मी भी अब आजिज आ चुके हैं। अपनी बात मनवाने के लिए उन पर दबाव बनाना जरूरी है।

कमला नेहरू पार्क में सोमवार को हुई बैठक के दौरान हिंद मजदूर सभा के प्रदेश महासचिव सुरेंन्द्र लाल ने कहा कि मंगलवार और बुधवार को सभा की ओर से सर्वे कराया जाएगा। इस दौरान यह पता लगाया जाएगा कि बजाज मोटर्स कर्मियों के समर्थन में किस प्रकार से हड़ताल किया जाए। इसका निर्णय शुक्रवार की बैठक में लिया जाएगा।

बजाज मोटर्स से बिजेंदर सिंह गिल नाम के निलंबित कर्मचारी ने कहा कि प्रबंधन शांति की भाषा नहीं समझ रहा है। उसे समझाने के लिए व्यापक आंदोलन ही माध्यम हो सकता है। बिना अपनी वाजिब बात मनावए प्रबंधन पीछे नहीं हटने वाला है।


हिंद मजदूर सभा के महासचिव सुरेन्द्र लाल का कहना है कि वहीं श्रम विभाग भी मामले की लीपापोती कर रही है। अगर प्रबंधन पर सही तरीके से विभाग ने दबाव बनाया होता मामला कब का सुलझ जाता। हड़ताल पर बैठे श्रमिकों की माली हालत काफी खराब होती जा रही है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed