कनावनी में हत्या करने वाले आरोपी के घर की होगी कुर्की
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नोएडा के कनावनी गांव के खूनी संघर्ष में राहुल कसाना की हत्या के आरोप में फरार चल रहे दलितों के खिलाफ कुर्की की कार्रवाई की प्रक्रिया पुलिस ने शुरू कर दी है। उनके खिलाफ अदालत से गैर जमानती वारंट के साथ-साथ 82 की कार्रवाई भी शुरू कर दी है। कुर्की के नोटिस फरार चल रहे दलितों को घरों पर पुलिस चस्पा करेगी।
तय समय सीमा के अंदर अगर आरोपी अदालत या पुलिस थाने में सरेंडर नहीं करते हैं तो उनकी चल अचल संपत्ति को पुलिस कुर्क कर लेगी। दूसरी ओर फरार चल रहे आरोपियों के खिलाफ क्राइम ब्रांच की छापेमारी सोमवार को भी जारी रही। अब तक दो दर्जन से अधिक जगहों पर पुलिस पिछले दस दिनों में छापेमारी कर चुकी है।
वहीं सूत्रों के मुताबिक नामजद आरोपी अदालत में सरेंडर करने की तैयारी में जुटे हैं। इसके लिए कानूनी राय मशविरा का दौर जारी है। मालूम हो कि राहुल कसाना हत्याकांड में दलित समुदाय के 19 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज है। जिनमें से तीन की गिरफ्तारी घटना की देर शाम पुलिस ने की थी। अब फरार चल रहे 16 आरोपियों की तलाश पुलिस को है।
मानवाधिकार एडीजी पहुंचे SC/ST आयोग
कनावनी गांव में हुई घटना को लेकर सोमवार को राष्ट्रीय अनुसूचित जाति एवं जनजाति आयोग के डीजीपी को तलब किया गया था। डीजीपी के बजाए एडीजी (मानवाधिकार) विश्वजीत महापात्रा आयोग के समक्ष पेश हुए। उनके साथ एसएसपी गौतमबुद्वनगर भी थे।
आयोग ने उन्हें दलितों पर रामदेव बाबा द्वारा की गई टिप्पणी के मामले पर दर्ज हुई एफआईआर के मामले में भी तलब किया था। सूत्रों के मुताबिक आयोग कनावनी कांड में पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई पर असंतुष्ट दिखाई दिया। राहुल कसाना किसकी गोली का शिकार हुआ। इसको लेकर भी आयोग का रुख राज्य आयोग द्वारा दी गई रिपोर्ट से मिलता जुलता है।
दलितों की तरफ से दी गई तहरीर पर क्या-क्या कार्रवाई की गई। इसको लेकर भी पूछताछ की गई। एडीजी मानवाधिकार को एसएसपी ने कनावनी प्रकरण में क्या-क्या कार्रवाई हुई है, इसको लेकर अगवत कराया। आने वाले दिनों में आयोग एसएसपी व नोएडा के अन्य पुलिस अधिकारियों व प्रशासानिक अधिकारियों को तलब करेगा।
आयोग के दौरे के चलते दुरूस्त हुए आंकडे़
रविवार को राष्ट्रीय अनुसूचित जाति एवं जनजाति आयोग के सचिव के दौरे से पहले नोएडा पुलिस ने रात भर कनावनी कांड में होमवर्क किया। घटना के बाद से थाने की जीडी (जनरल डायरी) बंद थी। थाने की पूरी गतिविधियां जीडी के बजाए एक अन्य रजिस्टर में चल रही थी।
रविवार से पहले जीडी में दलितों की तरफ से दी गई तहरीरों को स्कूल ढहाने जाने वाले मामले में दर्ज एफआईआर में समायोजित कर अंकित किया गया। अब तक पुलिस ने वहां क्या क्या कार्रवाई की। इसका भी सिलसिलेवार ब्योरा डाला गया।
आरोपियों के लिए कब कब दबिश थाने से र्गइं। इसका भी जिक्र किया गया। रविवार की सुबह थाने की जीडी दुरुस्त कर दी गई और कनावनी कांड में चल रही विवेचना से सबंधित कार्रवाई सीडी में दर्ज कर ली गई।
मेडिकल में नहीं हुई गोली की पुष्टि
रविवार को राष्ट्रीय अनुसूचित जाति एवं जनजाति आयोग के सचिव के सामने पेश हुए ब्रह्मपाल के बांह में गोली लगने की पुष्टि मेडिकल रिपोर्ट में नहीं हुई। थाना सेक्टर-58 पुलिस के मुताबिक बांह में रगड़ के निशान पाए जाने की पुष्टि हुई है।
पुलिस का दावा है कि ब्रह्मपाल ने थाने में कोई भी लिखित शिकायत नहीं दी है। उसने किसी भी तरह की शिकायत देने से इंकार कर दिया।
मालूम हो कि रविवार को सचिव जेएन चैंबर के सामने ब्रह्मपाल ने बताया था कि पुलिस केसामने दबंगों ने उसे गोली मारी थी। पुलिस ने न तो उसका मेडिकल कराया था और न ही उसकी शिकायत दर्ज की थी। जिसकेबाद सचिव ने थाना प्रभारी सेक्टर-58 को कड़ी फटकार लगाने के बाद मेडिकल करा कर रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिए थे।
स्कूल में पढ़ने पहुंचे बच्चे
सिद्धार्थ पब्लिक स्कूल में हुई तोड़फोड़ के बाद वहां पढ़ने वाले बच्चों को प्राइमरी स्कूल में पढ़ने के लिए प्रशासन की पहल पर उनके परिजनों ने पढ़ने के लिए भेजा।
सोमवार को 17 बच्चे प्राइमरी स्कूल में पढ़ने के लिए पहुंचे। बाकी बच्चों के परिजनों से टीचरों ने संपर्क साध कर उन्हें स्कूल भेजने के लिए कहा है।
खंड शिक्षा अधिकारी करूणा शर्मा ने बताया कि सिद्धार्थ पब्लिक स्कूल के 74 बच्चे प्राइमरी व जूनियर हाईस्कूल में पंजीकृत किए गए हैं। जो बच्चे स्कूल नहीं आए हैं उन्हें आने वाले कुछ दिनों में स्कूल लाया जाएगा। इसके लिए उनके परिजनों से लगातार बातचीत चल रही है।