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जानिए 22 करोड़ की लूट के बाद पैसे का क्या करता प्रदीप

Sat, 28 Nov 2015 10:53 PM IST
पुरुषोत्तम वर्मा/ अमर उजाला, नई दिल्ली
पुरुषोत्तम वर्मा/ अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sat, 28 Nov 2015 10:53 PM IST
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Know what the money after robbing the driver of 22 million.

12 घंटे के लिए करोड़पति बनने की गलतफहमी पालने वाले प्रदीप शुक्ला ने टीवी में अपनी फोटो देख ली थी। इस कारण वह 22.50 रुपयों को लेकर वह दिल्ली से भाग नहीं पाया था और गोदाम में जाकर छिप गया था।

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आरोपी ने खुलासा किया है कि वह कैश वैन से उड़ाई गई रकम से गोरखपुर में आलीशान मकान बनाता और वहीं जमीन खरीदकर पैसे को इंवेस्ट करता।

प्रदीप शुक्ला ने ये भी खुलासा किया है कि  करीब तीन महीने पहले ही उसके मन में कैश वैन से रकम लूटने का मन बना लिया था।  गौरतलब है कि ओखला थाना पुलिस ने प्रदीप शुक्ला को दो दिन के पुलिस रिमांड पर ले रखा है।
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आरोपी ने शनिवार को पूछताछ में खुलासा किया है कि 22.50 करोड़ रुपयों को गोदाम में रखने के बाद पत्नी से मिलने घर गया था। पत्नी के मिलने के बाद वह पैसे को लेकर गोरखपुर, यूपी भागता।
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तीन महीने पहले बनाई थी प्लानिंग

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घर पर पत्नी नहीं मिली थी। जब घर से वह गोदाम आ रहा था तो दाढ़ी सेट कराने के बाद ओखला के फेस-तीन में उसने एक टीवी पर देखा कि समाचारों में ब्रेकिंग न्यूज चल रही है और उसका फोटो दिखाया जा रहा है।

इससे वह डर गया और टेंशन में आ गया। वह फिर गोदाम में गया। गोदाम में सुरक्षा गार्ड रामसूरत के साथ काम करने वाले एक मजदूर से उसने शराब व चिकन मंगाया।

वह शराब पीने लगा। पुलिस ने बताया कि वह पैसे को लेकर गोरखपुर, यूपी भागता। आरोपी प्रदीप का ये भी कहना है कि उसके लिए तो दो करोड़ रुपये काफी थे।

प्रदीप शुक्ला का कहना है कि वह ग्रेटर कैलाश मामले में कैश वैन के गार्ड द्वारा की गई फायरिंग मामले में गवाह बन गया था। गवाह बनने पर कंपनी ने उसे नौकरी से निकाल दिया था।

उस समय उसके मन में विचार आया था कि ईमानदारी से नौकरी करने का कोई फायदा नहीं है। अगर वह कैश वैन को लेकर भाग जाता तो ठीक रहता।

मिनटों में खुद ही उतार लिए थे 9 बॉक्स

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इस समय इसने सीएमएस के एक कर्मचारी को ये बात भी कही थी कि वह कैश वैन को लेकर भाग जाता तो ठीक रहता। आरोपी का कहना है कि ये विचार उसकेमन में हमेशा रहता था।

हालांकि पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी शराब पीने का आदी था। वह ड्यूटी में लापरवाही बरतता था। इस कारण उसे नौकरी से निकाल दिया था।

आरोपी प्रदीप शुक्ला को कैश वैन की डिलिंग, ट्रांसपोर्ट, सिक्योरिटी एजेंसी के लोगों के आने-जाने आदि के बारे में अच्छा अनुभव था। इस अनुभव के चलते ही उसने कैश वैन से नोटों के भारी भरकम बक्से खुद ही उतार लिए थे।

उसने कैश वैन से पैसे उतारने के लिए मिट्टी से भरे एक बैग का इस्तेमाल किया। उसने कैश वैन के नीचे बोरा रखा। उस पर एक एक बक्से को रखकर नीचे उतारा।

इसके बाद बोरी पर रखकर बक्से को गोदाम में ले गया था। एक बक्से का वजन 60 किलो से ज्यादा था। उसने कुछ ही मिनटों में नोटों से भरे नौ बक्से कैश वैन से उतार लिए थे।

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