अमेरिकी राष्ट्रपति ओबामा के ट्रैकर स्टाइल से काम करेंगे केजरीवाल
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आप आदमी पार्टी का चुनाव के लिए प्रचार मॉडल भले ही अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव के मॉडल के अनुरूप नहीं रहा हो, जैसा कि दिल्ली में मुख्य विपक्षी पार्टी भाजपा का रहा है।
लेकिन अब आम आदमी पार्टी जवाबदेही की निगरानी के लिए ऐसा ही मॉडल अपनाने जा रही है जैसा कि अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा प्रयोग करते हैं।
एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली सरकार घोषणापत्र को ट्रैक करने, बेहतर बनाने और कामकाज पर नजर रखने के लिए स्टेनफोर्ड यूनिवर्सिटी के साथ काम कर रही है।
सूत्रों के मानें तो यूनिवर्सिटी ये जानकारी जुटाने में सहयोग करेगी कि कैसे सरकार तकनीकी कारणों के साथ अपनी नीतियों और योजनाओं को बेहतर बनाने के लिए फीडबैक प्राप्त कर सकती है।
घोषणापत्र को ट्रैक करने के लिए ट्रैकर
अमेरिकी ट्रैकर का प्रयोग एक मिस्र के कार्यकर्ताओं के ग्रुप द्वावारा भी किया जा चुका है। इन्होंने मिस्र के राष्ट्रपति मोहम्मद मोर्सी के लिए मोर्सी मीटर के तौर पर इसका प्रयोग किया था।
दिल्ली सरकार के सलाहाकार रोशन शंकर ने कहा है कि ये मैनिफैस्टो ट्रैकर आम आदमी पार्टी द्ववारा चुनावों में किए गए वादों की निगरानी करेगा। लेकिन वे इसे बेहतर बनाना चाहते हैं।
वे ट्रैकर को 'टू वे सिस्टम' के तौर पर लागू करना चाहते हैं ताकि सरकार के अलावा जनता को भी पता चल सके कि कौन से विकास कार्यों के प्रोजेक्ट पर काम हो रहा है।
यह वास्तव में राजनीतिक सिस्टम को ज्यादा लोकतांत्रिक बनाने में मदद करेगा। इससे चुनाव जीतने से उपर उठकर सरकार की जवाबदेही तय होगी।
जनता भी दे सकेगी फीडबैक
जनता को सरकार द्वारा किए गए वादे के बारे में ट्रैकर यह जानकारी भी देगा कि कोई वादा या प्रोजेक्ट अधूरा क्यों और उसे क्यों पूरा नहीं किया जा रहा है या क्यों पूरा करने में देर हो रही है।
इसे दिल्ली सरकार की वेबसाइट के साथ जोड़ा जाएगा और सरकार की सभी नीतियों की जानकारी का अपडेट इसके माध्यम से मिल सकेगा। इतना ही आम जनता भी सरकार के वादों और नीतियों पर अपनी प्रतिक्रिया ट्रैकर पर दे सकेगी।
जैसे अगर किसी को बिजली के बिल आधे हो जाने की योजना का लाभ नहीं मिल रहा है तो वो इसके माध्यम से अपनी समस्याओं या शंकाओं के बारे में सरकार तक अपनी बात पहुंचा सकता है।
पार्टी के मुताबिक सरकार में आने के बाद से ही दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल सभी मंत्रालयों और विभागों को अपने घोषणापत्र के 70 बिन्दुओं की कार्य योजना पर काम करने के निर्देश दे चुके हैं।