विवादों को छोड़ विकास की राह पर चलना चाहते हैं केजरीवाल, अभी ध्यान कोरोना पर

भूपेंद्र कुमार, नई दिल्ली Updated Sun, 02 Aug 2020 04:40 AM IST
विज्ञापन
अरविंद केजरीवाल
अरविंद केजरीवाल - फोटो : सोशल मीडिया

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹249 + Free Coupon worth ₹200

ख़बर सुनें
दिल्ली और केंद्र सरकार के बीच विवाद कोई नई बात नहीं। उप राज्यपाल के पास यह अधिकार है कि वे दिल्ली कैबिनेट से पारित किसी भी फैसले को पलट सकते हैं। ताजा मामला अनलॉक-3 में साप्ताहिक बाजार और होटल खोलने के फैसले को पलटा जाना है। इससे पहले ही दिल्ली सरकार ने दंगों के केस में वकीलों का जो पैनल भेजा था, उसे भी उप राज्यपाल अनिल बैजल ने खारिज कर दिया था।
विज्ञापन

ज्यादा पुरानी बात नहीं है जब दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और अन्य नेताओं ने जून 2018 में उप राज्यपाल के आवास पर धरना दिया था। मामला आईएसएस अफसरों से जुड़ा था। तब केजरीवाल और उनके सहयोगियों की एलजी आवास में सोफे पर बैठे हुए तस्वीरें वायरल हुई थीं। अब इस तरह का खुला टकराव नजर नहीं आता।
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल साफ कहते हैं कि फिलहाल उनकी प्राथमिकता कोरोना संकट से पार पाने की है। शुक्रवार को उन्होंने कई मुद्दों पर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि दिल्ली के लोगों के लिए मुझे कहीं भी कैसे भी मदद मांगनी होगी तो पीछे नहीं हटूंगा। दिल्ली सहित पूरा देश कोरोना संकट से जूझ रहा है। ऐेसे में विवाद नहीं होना चाहिए। फिर चाहे वह राजनधानी में जलभराव का मसला ही क्यों न हो।
उनका साफ कहना था कि हर कोई अपनी जिम्मेदारी समझे और सतही राजनीति न करे। केंद्र सरकार की अड़ंगेबाजी को वे गलत तो करार देते हैं पर बहुत आक्रामक नहीं होते। उनका कहना है कि आखिर कोरोना से निपटने में होम आइसोलेशन के मुद्दे पर भी हम सही साबित हुए। इसे उत्तर प्रदेश में भी कुछ शर्तों के साथ अपनाया जा रहा है। दिल्ली मॉडल की देश-विदेश में खूब चर्चा हो रही है। 

तो क्या केजरीवाल बदल गए हैं? फिलहाव वे अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं पर भी सवालों को सहजता से टाल देते हैं। कहते हैं, अभी हमारी सारी ऊर्जा कोरोना से निपटने में लगी है। जब वक्त आएगा तो सोचा जाएगा। क्या वे राष्ट्रीय राजनीति में उतरेंगे। बिहार में चुनाव लड़ेंगे ? इन सब सवालों पर वे बस यही कहते हैं कि हमारी आम आदमी पार्टी छोटी है, हमारे पास इतने संसाधन नहीं हैं। धीरे धीरे प्रयास करेंगे।

जनता ही तय करे क्या गलत-क्या सही
दिल्ली सरकार महत्वपूर्ण मसलों पर जनता की राय लेने से नहीं हिचकती। चाहे दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा देने का मसला हो या लॉकडाउन में रियायतें देने का। सरकार जनता की राय से ही सब कुछ करना चाहती है। केजरीवाल कहते भी हैं, हमारी प्राथमिकता उन लोगों के लिए काम करने की है जिन्होंने हमे वोट दिया।    
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Election
X

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
  • Downloads

Follow Us