फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Kejriwal sends order to not obey LG

केजरीवाल का बाबुओं को आदेश, LG की मत सुनो

Tue, 19 May 2015 11:08 AM IST
Updated Tue, 19 May 2015 11:08 AM IST
विज्ञापन
Kejriwal sends order to not obey LG

केजरीवाल के उस आदेश पर काफी बवाल मच गया है जिसमें उन्होंने कहा है कि कोई भी अधिकारी एलजी से मिले आदेश को सीधे ना मानें। यानी पहले इसकी सूचना संबंधित मंत्री या मुख्यमंत्री को दी जाए और उनकी सलाह के बाद ही उस आदेश को माना जाए।

विज्ञापन


इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट के सीनियर वकील राजीव धवन ने दिल्ली सरकार के कहने पर अपना वैधानिक मत सामने रखा है। कानूनी रूप से इस मामले में क्या होना चाहिए उस बारे में धवन ने बताया है।
विज्ञापन


धवन ने शमशेर सिंह बनाम पंजाब राज्य(1974, 2 SCC 831) केस का हवाला देते हुए कहा कि जिस तरह पीएम और सीएम के सलाह पर राष्ट्रपति और गवर्नर काम करते हैं वहीं बात एलजी पर भी लागू होती है।

विज्ञापन
विज्ञापन

केजरीवाल ने संविधान के नियमों का दिया हवाला

Kejriwal sends order to not obey LG

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने उपराज्यपाल का आदेश अधिकारियों को न मानने की हिदायत दी है। मुख्यमंत्री ने एक आदेश जारी कर कहा है कि संविधान, एनसीटी एक्ट व कार्य संपादन प्रक्रिया (टीबीआर) का पालन करना हमारी जिम्मेदारी है।

कार्य संपादन प्रक्रिया के नियम 4 में साफ कहा गया है कि मंत्री विभाग के संबंधित कार्य कराने के लिए उत्तरदायी है। आदेश में कहा गया है कि उपराज्यपाल या उनके कार्यालय से कोई लिखित या मौखिक आदेश मिले तो पहले मंत्री और मुख्यमंत्री को फैसला लेने के लिए भेजें।

उपराज्यपाल कार्यालय की तरफ से आए किसी आदेश पर मुख्य सचिव या सचिव मुख्यमंत्री या मंत्री की तरफ से लिखित आदेश मिलने तक कोई आदेश जारी न करें। संबंधित सचिव टीबीआर नियम 57 का अध्ययन जरूर करें। इस आदेश का पालन किया जाए।

अधिकारियों का स्थानांतरण भी हो सकता है

Kejriwal sends order to not obey LG

टीबीआर के चैप्टर 4 व 5 का जिक्र करते हुए बताया गया है कि कैबिनेट और उपराज्यपाल के बीच मतभेद की स्थिति में उसका पालन करें।

किसी भी मामले में कैबिनेट मंत्रियों को बाईपास करके आदेश नहीं दिए जा सकते। मुख्यमंत्री ने अपने आदेश में यह भी साफ किया है कि दैनिक कार्य के लिए संविधान, एनसीटी एक्ट व टीबीआर का ध्यान रखें।

वहीं दूसरी तरफ अधिकारियों की स्थानांतरण नीति में बदलाव की सूचना भी मिल रही है। हालांकि इस मामले की पुष्टि नहीं हुई है।

टीम योगेंद्र ने किया मुख्यमंत्री का समर्थन

Kejriwal sends order to not obey LG

योगेंद्र यादव और उनके सहयोगियों के स्वराज अभियान ने मौजूदा सियासी विवाद में मुख्यमंत्री का समर्थन किया है। उनका मानना है कि उपराज्यपाल को जनता द्वारा चुनी गई सरकार को विश्वास में लेकर ही किसी तरह की नियुक्ति करनी चाहिए।

एक साल से उपराज्यपाल केंद्र की सत्ताधारी पार्टी के प्रतिनिधि की तरह काम कर रहे हैं। केजरीवाल के पूर्व सहयोगियों ने कहा है कि कार्यकारी मुख्य सचिव या प्रधान सचिव की नियुक्ति के लिए उपराज्यपाल को मुख्यमंत्री की सलाह माननी चाहिए।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed