पांच सीएम के साथ केजरीवाल करेंगे बैठक, नहीं आएंगे अखिलेश
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दिल्ली के मुख्यमंत्री ने अपने शपथ ग्रहण समारोह में भले ही प्रदेश की जनता से ये कहा था कि वह अगले पांच साल दिल्ली पर ही ध्यान देने देंगे तथा अन्य राज्यों में चुनाव लड़ने का उनकी कोई योजना नहीं है लेकिन, फिलहाल उनके इरादे कुछ और ही दिख रहे हैं।
बुधवार को सीएम केजरीवाल ने देश के पांच राज्यों के मुख्यमंत्रियों को बात करने के लिए दिल्ली बुलाया है। आमंत्रित मुख्मंत्रियों में से कोई भी भाजपा या कांग्रेस का सीएम नहीं है।
केजरीवाल ने कहा है कि वह कोऑपरेटिव फेडरलिजम पर एक सेमीनार का आयोजन कर रहे हैं जिस पर चर्चा के लिए उन्होंने इन पांच राज्यों के मुख्यमंत्रियों को आमंत्रित किया है। इसमें भाजपा या कांग्रेस के सीएम क्यों नहीं हैं इसका कोई जवाब नही दिया गया है।
माना जा रहा है कि इस सेमिनार के बहाने केजरीवाल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के खिलाफ एक राष्ट्रीय गठबंधन बनाने की उनकी कोशिश कर रहे हैं।
हालांकि कांग्रेस के किसी मुख्यमंत्री में शामिल न होने की वजह से इसे भाजपा-कांग्रेस विरोधी राष्ट्रीय गठबंधन बनाने के प्रयास के तौर पर भी देखा जा रहा है।
अखिलेश ने नहीं दी सहमति
केजरीवाल का यह प्रयास कितना सफल होता है यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा लेकिन, जिन पांच मुख्यमंत्रियों को उन्होंने आमंत्रित किया है उनमें से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इसमें आने में अपनी असमर्थता पहले ही जाहिर कर दी है।
माना जा रहा था कि बिहार चुनाव के चलते कम से कम नीतीश कुमार इस पहल में जरूर भाग लेंगे लेकिन उन्होंने सीधे-सीधे मना करने की जगह इस सेमिनार में वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए अपनी उपस्थिती लगाने का वादा किया है।
अभी तक पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के इस सम्मेलन में आने की बात कही जा रही है। इनके अलावा मिजोरम और त्रिपुरा के सीएम को भी इस सेमिनार में भाग लेने के लिए बुलाया गया है।