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केजरीवाल इफेक्टः जल बोर्ड भी हुआ खास से आम
विनोद डबास/ अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Mon, 13 Jan 2014 12:38 PM IST
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दिल्ली में आम आदमी की सरकार क्या बनी, जल बोर्ड भी खास से आम हो गया। जो जानकारी पाना आम लोगों के लिए टेढ़ी खीर हुआ करती थी, जल बोर्ड अब अपनी वेबसाइट पर सार्वजनिक कर रहा है।
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केजरीवाल सरकार बनने के दूसरे दिन से जल बोर्ड की वेबसाइट पर हर रोज पानी की उपलब्धता और उत्पादन की सूचना दी जा रही है। यह पहला मौका है जब उसने पानी के संबंध में सार्वजनिक सूचना देनी शुरू की है। इसके लिए उसने बाकायदा एक कॉलम बनाया है। इस कॉलम पर उस दिन से पानी की उपलब्धता और उत्पादन की प्रतिदिन की जानकारी है।
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यह जानकारी रोजाना उपराज्यपाल, मुख्यमंत्री के अलावा मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव (शहरी विकास) आदि आधिकारियों को भी भेजी जा रही है। इससे पहले जल बोर्ड की बेवसाइट पर ऐसा कोई कॉलम नहीं था।
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दिल्ली जल बोर्ड की बेवसाइट पर शुरू किए नए कॉलम में बताया जा रहा है कि वजीराबाद बैराज में पानी का लेवल कितना होना चाहिए और लेवल कितना था। इसी तरह की जानकारी पश्चिमी यमुना नहर के संबंध में दी जा रही है। जल बोर्ड अपने जल शोधक संयंत्रों की पानी शोधन क्षमता और उनमें पानी के उत्पादन की भी सूचना दे रहा है। वह रि-साईकिलिंग संयंत्रों और रैनी वेल तथा ट्यूबवेलों से दी जाने वाली आपूर्ति भी बता रहा है।
जल बोर्ड के नए कॉलम के अनुसार दिल्ली में रोजाना करीब 818 एमजीडी पानी का उत्पादन होता है। जबकि उसके संयंत्रों में 871 एमजीडी पानी का उत्पादन करने की क्षमता है। उसके चंद्रावल, हैदरपुर एवं ओखला संयंत्र में क्षमता से कम पानी का उत्पादन हो रहा है। इसी तरह भगीरथी और चंद्रावल रि-साइकिलिंग प्लांट में पानी का उत्पादन नहीं हो रहा।