सीबीआई घूसकांडः केजरीवाल बोले- 'क्या राफेल डील की जांच को लेकर आलोक वर्मा से डर गई थी मोदी सरकार?'
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सीबीआई बनाम सीबीआई का मामला इस वक्त चरम पर है और इतना गंभीर हो चुका है कि खुद केंद्र सरकार को इसमें दखल देना पड़ा। सीबीआई में घूसकांड विवाद में उलझे दोनों ही अधिकारी आलोक वर्मा और स्पेशल डायरेक्टर राकेश अस्थाना को मोदी सरकार ने छुट्टी पर भेज दिया है, साथ ही उनके सारे अधिकार वापस ले लिए हैं।
मोदी सरकार के इस फैसले के बाद दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने ट्विटर के माध्यम से सरकार की इस कार्रवाई की न सिर्फ आलोचना की, बल्कि इसके साथ राफेल मुद्दे के जुड़े होने की बात भी कह दी।
केजरीवाल ने अपने ट्वीट में लिखा, 'क्या राफेल डील और आलोक वर्मा के हटाए जाने में कोई संबंध है? क्या आलोक वर्मा राफेल मामले में जांच शुरू करने वाले थे जिससे मोदी को परेशानी हो सकती थी?'
सीबीआई चीफ ने केंद्र सरकार के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है
हालांकि सीबीआई चीफ ने केंद्र सरकार के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है, जिसकी सुनवाई करने के लिए अदालत राजी हो गई है। केजरीवाल से पहले सुप्रीम कोर्ट के वकील प्रशांत भूषण भी ऐसी ही संभावना व्यक्त कर चुके हैं।
उन्होंने कहा, 'सीबीआई डायरेक्टर को गलत तरीके से हटाया गया है। सुप्रीम कोर्ट ने तय किया था कि सीबीआई निदेशक का कार्यकाल दो साल का होगा और सिर्फ चयन कमेटी ही उन्हें हटा सकती है। मैं शुक्रवार को एक याचिका दायर करूंगा।'
उन्होंने ये भी कहा कि, राफेल डील की जांच सीबीआई न कर सके, इसलिए शायद आलोक वर्मा को हटाया गया। हमने, यशवंत सिन्हा और अरुण शौरी ने सीबीआई निदेशक से राफेल डील की जांच की मांग की थी। आलोक वर्मा ने राफेल डील से संबंधित फाइलें सरकार से मांगी थीं।
आगे प्रशांत भूषण ने कहा कि नागेश्वर राव के खिलाफ भी गंभीर आरोप हैं और आलोक वर्मा ने कुछ महीने पहले उनके खिलाफ भी कार्रवाई करने की सिफारिश की थी।