अब सरकार बनी तो इस्तीफा नहीं दूंगा: केजरीवाल
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दिल्ली सरकार से इस्तीफा देने के फैसले पर केजरीवाल ने एक बार फिर माफी मांगी है। साथ ही वालंटियर और पार्टी की ओर से जनता को यह आश्वासन दिया है कि भविष्य में ऐसी गलती नहीं होगी।
जेल से लौटने और चुनाव परिणाम आने के बाद वालंटियर के साथ पहली बैठक में उन्होंने विधानसभा चुनाव के लिए कमर कसने का ऐलान किया।
उन्होंने बड़ी संख्या में आए स्वयंसेवकों से कहा कि दिल्ली सरकार छोड़ने का निर्णय हमने नैतिकता के आधार पर लिया था, लेकिन जनता को उनका फैसला अच्छा नहीं लगा।
खेला इमोशनल कार्ड
केजरीवाल ने कहा कि उनके 49 दिन के शासन में बिजली के बिल आधे हो गए थे, पानी का बिल आना बंद हो गया था, भ्रष्टाचार में कमी आ गई थी। उनके त्यागपत्र के बाद बिजली के बिल बढ़ गए, पानी का बिल आना शुरू हो गया।
एक बार फिर भ्रष्टाचार का बोलबाला हो गया। इतना ही नहीं, रिश्वतखोर विभागों के लोग उनके शासन के दिनों की भी रिश्वत ले गए। ये सब मामले जनता की नाराजगी के मुख्य कारण हैं।
उन्होंने कहा कि लोगों को उनसे बहुत उम्मीदें थीं, लेकिन उनके त्यागपत्र के बाद लोगों की उम्मीदें खत्म हो गई और वह हमसे नाराज हो गए। उन्होंने जनता की नाराजगी को जायज ठहराते हुए उससे माफी मांगी।
'इस बार रहूंगा पांच साल सीएम'
उन्होंने जनता को आश्वासन देते हुए मांग की कि वह उन्हें दोबारा मौका दें। वह पूरे पांच साल सरकार चलाएंगे और जनता की सभी उम्मीदें पूरी करेंगे।
उन्होंने वालंटियर से कहा कि जनता उन्हें माफ करेगी और उन्हें एक अवसर अवश्य देगी।
वह जनता के बीच जाने के दौरान बहस नहीं करेंगे। जनता ने लोकसभा चुनाव के दौरान कहा था कि विधानसभा चुनाव में वह आम आदमी पार्टी को वोट देंगे।
मजबूत संगठन खड़ा करने की तैयारी शुरू
आम आदमी पार्टी ने अन्य दलों की भांति संगठन बनाने का निर्णय लिया है। वह संगठन खड़ा करने की शुरुआत दिल्ली से करेगी। यहां कामयाबी मिलने के बाद इसी तरह तर्ज पर पूरे देश में संगठन बनाया जाएगा। पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने बृहस्पतिवार को वालंटियर के साथ बैठक में संगठन की रूपरेखा का ऐलान किया।
अरविंद केजरीवाल ने बताया कि प्रत्येक बूथ पर एक इंचार्ज बनाया जाएगा और उसकी अगुवाई में 10-15 वालंटियर की एक टीम बनाई जाएगी। यह टीम पार्टी की तमाम गतिविधियों को घर-घर पहुंचाएगी और जनता के संपर्क में रहेगी। दो बार टारगेट पूरा नहीं करने पर बूथ इंचार्ज को हटा दिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि बूथ इंचार्ज के ऊपर पोलिंग स्टेशन इंचार्ज की नियुक्ति की जाएगी। वह केवल बूथ टीम के कामकाज की निगरानी करेंगे। पोलिंग स्टेशन के इंचार्ज के ऊपर वार्ड इंचार्ज बनाया जाएगा।