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ऊबड़ खाबड़ सड़कों पर कांवड़ यात्रा
अमर उजाला, मोदीनगर
Updated Sat, 28 Jun 2014 04:06 PM IST
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प्रशासन की घोर उदासीनता के कारण इस वर्ष भी आधी अधूरी तैयारियों के बीच कांवड़ यात्रा शुरू होगी। 12 जुलाई को पूर्णमासी के दिन हरिद्वार से पवित्र गंगाजल भरकर लाखों कांवड़िएं यात्रा शुरू करेंगे। गाजियाबाद में कांवड़ मार्ग की हालत खराब है। निवाड़ी पुल से जानी पुल तक ही मार्ग पर गड्ढे ही गड्ढे हैं। कांवड यात्रा शुरू होने में अब ज्यादा समय नहीं बचा है, इसलिए इससे पहले कांवड़ मार्ग के दुरुस्त होने की उम्मीद नहीं है।
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लाखों कांवड़िएं जर्जर मार्ग से चलकर ही पुण्य कमाने को मजबूर होंगे। आगामी 25 जुलाई को महाशिवरात्रि का पर्व है, जो लाखों कांवड़ियों के एक पखवाड़े की कठिन यात्रा की पूर्णाहुति का दिन है। कांवड़ यात्रा के शुरू होने में 18 दिन बचे हैं। एनसीआर के साथ-साथ हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान सहित कई प्रदेशों से लाखों कांवड़िए हरिद्वार कांवड़ लेने जाते हैं।
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कांवड़ मार्ग पर दुश्वारियां
बरसात के बाद मरम्मत न होने से कांवड़ मार्ग की हालत हो गई और भी जर्जर
दोनों ओर बड़े-बडे़ झाड़ों व पेड़ों के झुंड खड़े होने से चलने में परेशानी
रात्रि में प्रकाश की व्यवस्था न होना
सुरक्षा की व्यवस्था नहीं होना
गत वर्षों में रात अंधेरे में सांप व अन्य जहरीले जानवरों द्वारा कांवड़ियों को काटने के कई मामले सामने आए थे
मुरादनगर से मंगलौर तक सौ किमी. मार्ग का यात्रा से पहले ठीक होना मुमकिन नहीं