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जेएनयू देशद्रोह मामलाः वीडियो फुटेज देखना चाहती है अदालत, 11 मार्च तक टाली सुनवाई
Thu, 28 Feb 2019 01:23 PM IST
पूजा त्रिपाठी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: पूजा त्रिपाठी
Updated Thu, 28 Feb 2019 01:23 PM IST
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जेएनयू देशद्रोह मामले में सुनवाई(फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला/एएनआई
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जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में देशविरोधी नारे लगाने के मामले में दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने आज सुनवाई करते हुए पुलिस से वीडियो फुटेज अदालत में पेश करने को कहा है।
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गौरतलब है कि दिल्ली पुलिस ने अपनी चार्जशीट 9 फरवरी 2016 के दिन बने कई वीडियो फुटेज के आधार पर भी की है। ऐसे में अदालत ने कहा है कि जिन वीडियो फुटेज के आधार पर यह केस तैयार किया गया है उन वीडियो फुटेज को वह देखना चाहती है। इसके साथ ही अदालत ने इस मामले की अगली सुनवाई 11 मार्च तय कर दी है।
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चार्जशीट को नहीं मिली दिल्ली सरकार की अनुमति
गौरतलब है कि दिल्ली पुलिस की चार्जशीट को अब तक दिल्ली सरकार की अनुमति नहीं मिली है। जनवरी माह में बगैर दिल्ली सरकार की अनुमति के दिल्ली पुलिस ने चार्जशीट दायर कर दी थी।
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देशद्रोह मामले में चार्जशीट दाखिल करने से पूर्व राज्य सरकार की मंजूरी लेना जरूरी होता है। जेएनयू में देश विरोधी नारेबाजी मामले में दिल्ली पुलिस ने कन्हैया कुमार, उमर खालिद, अनिर्बान भट्टाचार्य समेत सात कश्मीरी छात्रों को मुख्य आरोपी बनाते हुए चार्जशीट में 36 नामों का जिक्र किया है। इसमें देशद्रोह की धाराओं को भी जोड़ा गया है।
देशद्रोह के मामले में पुलिस को अनुमति दिल्ली सरकार का लॉ डिपार्टमेंट देता है। अनुमति लेने के लिए बाद में फाइल को एलजी के पास भी भेजा जाता है। फिलहाल दिल्ली सरकार की ओर से मामले में पुलिस को अनुमति नहीं मिली है। दिल्ली सरकार की अनुमति के बिना कोर्ट आरोप पत्र पर संज्ञान नही लेगा।