फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   jat cummunity asked government for cbi probe in jat agitation

हिंसक घटनाएं सामने आने के बाद जाटों ने की सीबीआई जांच की मांग

Sun, 06 Mar 2016 10:49 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sun, 06 Mar 2016 10:49 AM IST
विज्ञापन
jat cummunity asked government for cbi probe in jat agitation
Jat Agitation

हरियाणा में जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान हिंसा, आगजनी, लूटपाट आदि घटनाओं से पर्दा उठना शुरू होने के बाद जाट संगठनों के नेताओं के तेवर बदल गए हैं। उन्होंने दबाव की मुद्रा से निकलकर अब दबाव बनाना आरंभ कर दिया है।

विज्ञापन


वह केंद्र और हरियाणा सरकार से समस्त घटनाओं की सीबीआई और सुप्रीम कोर्ट के जज से जांच कराने की मांग करने के साथ-साथ दोषियों को सख्त सजा देने पर जोर देने लगे हैं।
विज्ञापन


हरियाणा जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान हुई हिंसा, आगजनी, लूटपाट आदि घटनाओं को अंजाम देने में जाटों से कई गुना अन्य समुदाय के लोगों की गिरफ्तारी होने और मुरथल में रेप की घटनाएं होने की बातें फर्जी निकलने के बाद जाट संगठन आक्रामक मुद्रा में आ गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


वर्तमान सप्ताह के दौरान तीन दिनों में दो जाट संगठनों ने हरियाणा में हुई हिंसा की उच्च स्तर पर जांच कराने की मांग कर दी, जबकि आंदोलन समाप्त होने के एक सप्ताह बाद तक हरियाणा की घटना को लेकर इन जाट नेताओं के मुंह पर ताला लगा हुआ था। सभी नेता दबाव की मुद्रा में थे।

जाट नेता दे रहे क्लिन चिट

jat cummunity asked government for cbi probe in jat agitation
Jat Agitation

हरियाणा की घटना के संबंध में मीडिया के समक्ष आ चुके अखिल भारतीय जाट महासभा के महासचिव चौ. युद्धवीर सिंह और विश्व जाट चेतना मंच के अध्यक्ष चौ. ओमवीर सिंह आदि नेता जाट समाज को घटनाओं के मामले में क्लीन चिट दे रहे हैं।

उनका कहना है कि जाट समाज लूटपाट व हिंसा में विश्वास नहीं रखता। जाटों को बदनाम करने के लिए झूठी खबरें फैलाई गईं। कुछ नेता हरियाणा में राजनीतिक रोटियां सेंकने के लिए पिछले काफी समय से समाज में द्वेष फैला रहे थे।

उन्हीं के इशारे पर कुछ स्थानीय नेताओं और शरारती तत्वों ने आंदोलन में घुसकर हिंसा, आगजनी व लूटपाट जैसी घटनाओं को अंजाम दिया। इसके अलावा जाटों को बदनाम करने के लिए रेप जैसी घटनाएं होने की बातें प्रचारित की।

मगर पुलिस कार्रवाई में सच्चाई सामने आनी आरंभ हो गई है। पुलिस ने गिरफ्तार किए लोगों में जाटों की संख्या बहुत ही कम है, जबकि अन्य बिरादरी के लोग बहुसंख्यक हैं। इस कारण हरियाणा की घटना की उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed