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केंद्र ने अदालत को बताया- जामिया हिंसा मामले की जांच अहम चरण में, 29 अप्रैल को अगली सुनवाई
Tue, 04 Feb 2020 12:57 PM IST
पूजा त्रिपाठी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: पूजा त्रिपाठी
Updated Tue, 04 Feb 2020 12:57 PM IST
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- फोटो : हिमांशु सोनी
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जामिया हिंसा को लेकर हाईकोर्ट में डाली गई याचिका पर मंगलवार को दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई हुई, जिसकी अगली तारीख अदालत ने 29 अप्रैल तय की है। आज हुई सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने दिल्ली हाईकोर्ट को बताया कि नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान जामिया मिल्लिया इस्लामिया में हुई हिंसा की घटना में जांच अहम चरण पर है।
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सॉलिसिटर जनरल(एसजी) तुषार मेहता ने जांच के संबंध में रिपोर्ट दायर करने के लिए और समय मांगते हुए यह दलील मुख्य न्यायाधीश डी एन पटेल और न्यायमूर्ति सी हरिशंकर की पीठ के समक्ष रखी। अदालत ने एसजी की दलील पर गौर करते हुए केंद्र सरकार को जवाब दायर करने के लिए 29 अप्रैल तक का समय दिया।
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सुनवाई के दौरान, जामिया के कुछ छात्रों का पक्ष रख रहे वरिष्ठ अधिवक्ता कोलिन गोन्जाल्विस ने कहा कि 93 छात्रों एवं शिक्षकों ने उनके ऊपर हुए कथित हमलों की पुलिस में शिकायत दायर करवाई है लेकिन अब तक एजेंसी के खिलाफ कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई है।
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याचिकाकर्ताओं के अन्य वकीलों ने आरोप लगाया कि सरकार ने 19 दिसंबर को हुई अंतिम सुनवाई के वक्त चार हफ्ते के भीतर जवाब दायर करने के लिए दिए गए अदालत के आदेश का अनुपालन नहीं किया है।
हालांकि पीठ ने अंतरिम आदेश पारित करने से इनकार किया और सरकार को जवाब दायर करने के लिए 29 अप्रैल तक का समय दिया।