दिल्ली-NCR पर बड़ा खतरा: रामलला प्राण प्रतिष्ठा और गणतंत्र दिवस को लेकर आतंकी हमले के मिले इनपुट, पुलिस अलर्ट
केंद्रीय खुफिया विभाग ने इनपुट दिए है कि आतंकी जम्मू-कश्मीर व पंजाब में रजिस्टर्ड वाहनों से आतंकी हमला कर सकते हैं। मंदिरों में भी आतंकी हमले के विशेष इनपुट मिले हैं। दिल्ली में जगह-जगह पिकेट लगाकर पंजाब और जम्मू-कश्मीर के वाहनों की विशेष जांच शुरू हो गई है। इसके अलावा दिल्ली में सभी मंदिरों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
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प्राण प्रतिष्ठा समारोह और 26 जनवरी को लेकर दिल्ली-एनसीआर में आतंकी हमले के बहुत ही गंभीर इनपुट मिले हैं। इसके बाद दिल्ली में सभी मंदिरों की सुरक्षा कड़ी करने के आदेश दिए गए हैं। समारोह की पूर्व संध्या पर मंदिरों में शाम 5.30 से 8.30 बजे के बीच विशेष जांच की गई। इनपुट को देखते हुए पंजाब व जम्मू कश्मीर से आने वाले और वहां के नंबर से रजिस्टर्ड वाहनों की सघन जांच शुरू हो गई है। इस सबके मद्देनजर हुई विशेष चेकिंग में दिल्ली पुलिस की लापरवाही सामने आई है। आलम ये है कि झंडेवालान मंदिर की सुरक्षा में एक भी पुलिसकर्मी तैनात नहीं मिला। वहीं एम्स की सुरक्षा में भी लापरवाही मिली।
दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि केंद्रीय खुफिया विभाग ने इनपुट दिए है कि आतंकी जम्मू-कश्मीर व पंजाब में रजिस्टर्ड वाहनों से आतंकी हमला कर सकते हैं। मंदिरों में भी आतंकी हमले के विशेष इनपुट मिले हैं। इसके बाद दिल्ली में रह रहे पंजाब व जम्मू कश्मीर के मूल निवासियों के विवरण के साथ किरायेदार व नौकरों का सत्यापन करने के आदेश दिए गए हैं। साथ ही संदिग्ध हालत में घूमने वाले इन राज्यों के व्यक्तियों पर विशेष नजर रखने की हिदायतें दी गई हैं।
दिल्ली में जगह-जगह पिकेट लगाकर पंजाब और जम्मू-कश्मीर के वाहनों की विशेष जांच शुरू हो गई है। इसके अलावा दिल्ली में सभी मंदिरों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। मंदिरों प्रबंधकों को चेकिंग के बाद ही श्रद्धालुओं को मंदिर में प्रवेश देने की हिदायत दी गई है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार प्राण प्रतिष्ठा समारोह की पूर्व संध्या पर शाम 5.30 से 8.30 तक सभी मंदिरों में गहन जांच के आदेश दिए गए हैं। एक मंदिर की सुरक्षा में इंस्पेक्टर स्तर के पुलिस अधिकारी की देखरेख में पुलिस टीम तैनात रहेगी।
झंडेवालान की सुरक्षा में तैनात नहीं था एक भी पुलिसकर्मी
एक तरफ प्राण प्रतिष्ठा समारोह में विघ्न डालने के लिए मंदिर व धार्मिक स्थलों पर आतंकी हमले के इनपुट हैं। इसके मद्देनजर हुई चेकिंग में दिल्ली पुलिस की घोर लापरवाही सामने आई है। दिल्ली के बड़े मंदिरों में से एक झंडेवालान मंदिर में एक भी पुलिसकर्मी तैनात नहीं मिला। विजीलेंस द्वारा तैयार की गई रिपोर्ट में ये बात सामने आई है कि झंडेवालान मंदिर और वीडियोकॉन टॉवर पर कोई स्थानीय पुलिस कर्मचारी, सुरक्षा इकाई कर्मचारी, पीसीआर, पिकेट, बाहरी बल तैनात नहीं मिला। ऐसे में मंदिरों की सुरक्षा भगवान भरोसे है।
इन जगहों पर सुरक्षा में ये कमियां मिलीं
- गणतंत्र दिवस के मध्येनजर जब सुरक्षा की जांच की गई तो पता लगा कि चीन, इजऱाइल, फिलिस्तीन और मिस्र के दूतावासों और लाल किले पर सुरक्षा इकाई से कोई भी पुलिस कर्मचारी तैनात नहीं पाया गया। हालांकि स्थानीय पुलिस और बाहरी बल के कर्मचारी तैनात मिले।
- फ्रांस और अफगानिस्तान दूतावासों पर कोई स्थानीय पुलिस जवान तैनात नहीं पाया गया, हालांकि सुरक्षा इकाई कर्मचारी और बाहरी बल वहां तैनात था।
- इंडिया हैबिटेट सेंटर और सीजीओ कॉम्प्लेक्स, लोधी कॉलोनी, दिल्ली में कोई स्थानीय पुलिस कर्मचारी तैनात नहीं पाया गया।
- आरएमएल अस्पताल के कुल 80 सीसीटीवी कैमरे खराब हालत में पाए गए।
- आरएमएल और सर गंगा राम अस्पताल के मुख्य द्वार के बाहर फुटपाथ पर विक्रेताओं की दुकानें खुली पाई गईं।
- आरआर अस्पताल, मौलाना आजाद मेडिकल अस्पताल, स्टीफन अस्पताल, कस्तूरबा अस्पताल और सेंट में कोई स्थानीय पुलिस कर्मचारी तैनात नहीं मिला।
- मौलाना आजाद मेडिकल अस्पताल और हिंदू राव अस्पताल और एम्स में कोई एचएचएमडी/डीएफएमडी नहीं पाया गया।
- लेडी हार्डिंग अस्पताल, कस्तूरबा अस्पताल, स्टीफन अस्पताल, सफदरजंग अस्पताल और सेंट में डीएफएमडी नहीं पाया गया।
- एम्स में 416 सीसीटीवी कैमरे खराब मिले और 2135 सीसीटीवी कैमरे चालू हालत में पाए गए।
- अधिकांश अस्पतालों के सामने वाहन और टीएसआर खड़े पाए गए, जोकि सुरक्षा के लिए बहुत बड़ा कारण बन सकते हैं।
सुरक्षा बढ़ाने का दावा
दिल्ली पुलिस ने दावा किया है कि गणतंत्र दिवस समारोह के लिए पहले से ही सुरक्षा उपाय बढ़ा दिए हैं। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि दिल्ली पुलिस संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त निगरानी रख रही है। सुरक्षा की निगरानी के लिए ड्रोन का उपयोग कर रही है। उन्होंने बताया कि 22 जनवरी के कार्यक्रम और गणतंत्र दिवस परेड के लिए दिल्ली में 8,000 से अधिक पुलिसकर्मी पहले ही तैनात किए जा चुके हैं।