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अनाज मंडी अग्निकांड : घायलों के सिकुड़े फेफड़े, भरी हैं जहरीली गैसें
Tue, 10 Dec 2019 08:40 PM IST
Avdhesh Kumar
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: Avdhesh Kumar
Updated Tue, 10 Dec 2019 08:40 PM IST
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अनाज मंडी अग्निकांड
- फोटो : PTI
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अनाज मंडी में लगी भीषण आग में घायल करीब 15 लोग लोकनायक अस्पताल में भर्ती हैं। बर्न डिपार्टमेंट में भर्ती 9 में से एक मरीज मुकीम 55 फीसदी जला है। उसकी हालत काफी गंभीर है। डॉक्टरों का कहना है कि यहां भर्ती मरीजों के फेफड़ों में जहरीली गैसें भर गई हैं। कुछ के फेफड़े अंदर से जल भी गए हैं। दवाओं के जरिये इनके फेफड़ों को स्वस्थ करने का प्रयास चल रहा है। मरीजों के फेफड़े सिकुड़ रहे हैं।
अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. किशोर सिंह का कहना है कि इन मरीजों की हालत गंभीर है। यह कहना मुश्किल है कि मरीज बच सकेगा या नहीं, क्योंकि किसी भी वक्त इनकी स्थिति बिगड़ सकती है। इन सभी के फेफड़ों में धुआं या गैस जाने की वजह से कई तरह के कण जम गए हैं। जिस तरह सालों तक लगातार सिगरेट पीने से फेफड़े काले पड़ने के साथ-साथ सिकुड़ते जाते हैं, वैसे ही इनके फेफड़े भी काले पड़ चुके हैं।
उन पर कई तरह के कण व बैक्टीरियां जम गए हैं। इससे सांस लेने में परेशानी भी हो रही है। डॉ. किशोर सिंह का कहना है कि ऐसे केसों में अमूमन देखा जाता है कि मरीज बच भी जाए तो कैंसर होने की आशंका बढ़ जाती है।
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उधर, लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज में भर्ती दोनों मरीज तीसरे दिन भी आईसीयू में हैं। डॉक्टरों का कहना है कि इनकी हालत काफी खराब है। कब तक इन्हें आईसीयू में रखना पड़ सकता है, इस बारे में फिलहाल कुछ नहीं कहा जा सकता।
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अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. किशोर सिंह का कहना है कि इन मरीजों की हालत गंभीर है। यह कहना मुश्किल है कि मरीज बच सकेगा या नहीं, क्योंकि किसी भी वक्त इनकी स्थिति बिगड़ सकती है। इन सभी के फेफड़ों में धुआं या गैस जाने की वजह से कई तरह के कण जम गए हैं। जिस तरह सालों तक लगातार सिगरेट पीने से फेफड़े काले पड़ने के साथ-साथ सिकुड़ते जाते हैं, वैसे ही इनके फेफड़े भी काले पड़ चुके हैं।
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उन पर कई तरह के कण व बैक्टीरियां जम गए हैं। इससे सांस लेने में परेशानी भी हो रही है। डॉ. किशोर सिंह का कहना है कि ऐसे केसों में अमूमन देखा जाता है कि मरीज बच भी जाए तो कैंसर होने की आशंका बढ़ जाती है।
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उधर, लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज में भर्ती दोनों मरीज तीसरे दिन भी आईसीयू में हैं। डॉक्टरों का कहना है कि इनकी हालत काफी खराब है। कब तक इन्हें आईसीयू में रखना पड़ सकता है, इस बारे में फिलहाल कुछ नहीं कहा जा सकता।