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बच्ची से दुष्कर्म करने वाले को आजीवन कारावास
अमर उजाला, गाजियाबाद
Updated Fri, 07 Mar 2014 01:30 AM IST
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साढे़ चार साल की मासूम बच्ची से चाकू की नोंक पर दुष्कर्म करने के आरोपी को कोर्ट ने दोषी करार दिया है। एडीजे-5 शंकर लाल ने दोषी को आजीवन कारावास और एक हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
सरकारी वकील प्रमोद कुमार तंवर ने बताया कि मामला 6 अक्तूबर 2009 का है। लोनी कोतवाली क्षेत्र में रहने वाली मासूम बच्ची अपनी सहेली के साथ घर के बाहर खेल रही थी। इसी बीच दोनों सहेलियां पानी पीने के लिए पास ही स्थित सरकारी नल पर पहुंच गईं।
लोनी की अशोक विहार कालोनी में किराए पर रहने वाला शकील नामक युवक उधर से निकला और दोनों बच्चियों को उठाकर कुछ दूर स्थित श्मशान घाट की ओर ले गया।
सरकारी वकील ने बताया कि एक बच्ची किसी प्रकार आरोपी के चंगुल से छूटकर भाग निकली और डर के चलते अपने घर जाकर छिप गई। जबकि दूसरी बच्ची के साथ आरोपी ने चाकू की नोंक पर दुष्कर्म किया। बच्ची जब अपने घर रोते हुए पहुंची तो वारदात का पता चला।
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मामला एडीजे-5 शंकर लाल की कोर्ट में विचाराधीन था। बृहस्पतिवार को मामले में फैसला करते हुए न्यायाधीश शंका लाल ने आरोपी शकील को दोषी माना और आजीवन कारावास की सजा सुना दी
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सरकारी वकील प्रमोद कुमार तंवर ने बताया कि मामला 6 अक्तूबर 2009 का है। लोनी कोतवाली क्षेत्र में रहने वाली मासूम बच्ची अपनी सहेली के साथ घर के बाहर खेल रही थी। इसी बीच दोनों सहेलियां पानी पीने के लिए पास ही स्थित सरकारी नल पर पहुंच गईं।
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लोनी की अशोक विहार कालोनी में किराए पर रहने वाला शकील नामक युवक उधर से निकला और दोनों बच्चियों को उठाकर कुछ दूर स्थित श्मशान घाट की ओर ले गया।
सरकारी वकील ने बताया कि एक बच्ची किसी प्रकार आरोपी के चंगुल से छूटकर भाग निकली और डर के चलते अपने घर जाकर छिप गई। जबकि दूसरी बच्ची के साथ आरोपी ने चाकू की नोंक पर दुष्कर्म किया। बच्ची जब अपने घर रोते हुए पहुंची तो वारदात का पता चला।
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मामला एडीजे-5 शंकर लाल की कोर्ट में विचाराधीन था। बृहस्पतिवार को मामले में फैसला करते हुए न्यायाधीश शंका लाल ने आरोपी शकील को दोषी माना और आजीवन कारावास की सजा सुना दी