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भारतीय इंजीनियरों की डिग्री वैध, वापस ना भेजें - भारत ने कुवैत सरकार को लिखा खत
सीमा शर्मा/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Wed, 18 Apr 2018 04:39 PM IST
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भारत सरकार ने कुवैत सरकार को पत्र लिखकर कहा है एनबीए (नेशनल बोर्ड ऑफ एक्रीडिटेशन) की सूची में शामिल नहीं होने के बाद भी भारतीय इंजीनियरों की डिग्री वैध है। लिहाजा, भारतीय इंजीनियर को इस आधार पर वापस न भेजा जाए कि उनके पास एनबीए के तहत डिग्री नहीं है। सूत्रों के मुताबिक, मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने इसी सप्ताह कुवैत सरकार के शिक्षा मंत्री को पत्र भेजा है।
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कुवैत सरकार को लिखे पत्र में भारत सरकार ने कहा है कि भारतीय इंजीनियरों की डिग्री पूरी तरह वैध है। भारत में कुछ प्रीमियर संस्थान भी हैं, जोकि इंस्टीट्यूट ऑफ एक्सीलेंस के तहत काम करते हैं, इनमें आईआईटी, एनआईटी, आईआईएस जैसे कई दिग्गज संस्थान हैं।
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उक्त संस्थान इंजीनियरिंग के उच्च मानकों के तहत गुणवत्ता युक्त पढ़ाई करवाते हैं। लेकिन एनबीए से एक्रीडिटेशन कोर्स के तहत डिग्री नहीं देते। इसका मतलब यह नहीं कि उक्त संस्थानों के छात्रों की डिग्री वैध नहीं है।
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दरअसल, कुवैत सरकार के नये नियम के तहत वे इंजीनियर ही काम कर सकते हैं, जिनके पास डिग्री मान्यता प्राप्त कोर्स की होगी। इस सूची में एनबीए एक्रीडिटेशन को भी शामिल किया गया है। इसके बाद भारतीय इंजीनियरों की डिग्री की जांच हो रही है।
जिसकी वजह से वहां 15 हजार से अधिक इंजीनियरों की नौकरी पर खतरा मंडरा रहा है। सरकार ने यह भी लिखा है कि वर्ष 2012 में एनबीए एक्रिडिटेशन जरूरी किया गया था, लेकिन इस नियम के बाद भी कई संस्थान डिग्री दे रहे हैं।
बता दें कि पिछले दिनों कुवैत से इंजीनियरों का प्रतिनिधिमंडल मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावडेकर से मिला था। प्रतिनिधिमंडल ने इस नये नियम की जानकारी मंत्री को दी थी।