{"_id":"5b71c09442c7920378017846","slug":"indian-army-soldier-heart-transplant-in-delhi-rr-hospital","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"सेना के जवान में धड़कने लगा चंडीगढ़ का दिल, कई महीने से अस्पताल में था भर्ती","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सेना के जवान में धड़कने लगा चंडीगढ़ का दिल, कई महीने से अस्पताल में था भर्ती
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली
Updated Mon, 13 Aug 2018 11:02 PM IST
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फाइल फोटो
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विश्व अंगदान दिवस पर सोमवार को आरआर अस्पताल में भारतीय सेना के एक जवान का दिल प्रत्यारोपित किया गया। इसे कई माह से आरआर अस्पताल में 35 वर्षीय जवान भर्ती था। लेकिन रविवार रात चंडीगढ़ पीजीआई से सूचना मिलने के बाद डॉक्टरों की टीम ने प्रत्यारोपण की प्रक्रिया शुरू की।
अस्पताल प्रबंधन के मुताबिक इससे पहले भी एक जवान का दिल प्रत्यारोपित किया गया था। इसके लिए दिल्ली पुलिस ने पालम एयरफोर्स अड्डे से आरआर अस्पताल तक ग्रीन कॉरिडोर बनाकर चंद मिनटों में साढ़े पांच किलोमीटर का सफर पूरी करा दिया।
दरअसल, भारतीय सेना के 101 इंजीनियरिंग रेजीमेंट में तैनात जवान को डायलेटिड कार्डियोम्योपैथी नामक बीमारी थी। इस बीमारी में दिल प्रभावी रुप से धमनियों के जरिए रक्त प्रवाह नहीं कर पाता है। ब्रिगेडियर डॉ. टी चटर्जी ने बताया कि जवान को तत्काल दिल प्रत्यारोपित करने की आवश्यकता थी।
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इसकी जानकारी राष्ट्रीय अंग एवं ऊतक प्रत्यारोपण संगठन (नोटो) को दी गई थी। उन्होंने बताया कि सोमवार सुबह 10 बजे चंडीगढ़ पीजीआई से सेना के एयरक्राफ्ट की मदद से पालम एयरफोर्स स्टेशन लाया गया, जहां से दिल्ली पुलिस ने ग्रीन कॉरिडोर जरिए सुबह करीब 11 बजकर 15 मिनट पर दिल अस्पताल पहुंचा दिया।
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अस्पताल प्रबंधन के मुताबिक इससे पहले भी एक जवान का दिल प्रत्यारोपित किया गया था। इसके लिए दिल्ली पुलिस ने पालम एयरफोर्स अड्डे से आरआर अस्पताल तक ग्रीन कॉरिडोर बनाकर चंद मिनटों में साढ़े पांच किलोमीटर का सफर पूरी करा दिया।
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दरअसल, भारतीय सेना के 101 इंजीनियरिंग रेजीमेंट में तैनात जवान को डायलेटिड कार्डियोम्योपैथी नामक बीमारी थी। इस बीमारी में दिल प्रभावी रुप से धमनियों के जरिए रक्त प्रवाह नहीं कर पाता है। ब्रिगेडियर डॉ. टी चटर्जी ने बताया कि जवान को तत्काल दिल प्रत्यारोपित करने की आवश्यकता थी।
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इसकी जानकारी राष्ट्रीय अंग एवं ऊतक प्रत्यारोपण संगठन (नोटो) को दी गई थी। उन्होंने बताया कि सोमवार सुबह 10 बजे चंडीगढ़ पीजीआई से सेना के एयरक्राफ्ट की मदद से पालम एयरफोर्स स्टेशन लाया गया, जहां से दिल्ली पुलिस ने ग्रीन कॉरिडोर जरिए सुबह करीब 11 बजकर 15 मिनट पर दिल अस्पताल पहुंचा दिया।
जिस व्यक्ति का दिल दिल्ली लाया गया, उसी के फेफड़ों को चेन्नई के एक अस्पताल में प्रत्यारोपण के लिए भेजा है। उन्होंने ये भी बताया कि विश्व अंगदान दिवस पर सेना के जवान को दिल मिलने से सकारात्मक संदेश समाज तक पहुंचा है।
दिल्ली सैन्य एवं आरआर अस्पताल के कर्नल डॉ. समीर कुमार बताते हैं कि यह दूसरी बार है जब सेना के किसी जवान को दिल प्रत्यारोपित किया है। इससे पहले इसी टीम की निगरानी में मई माह में एक लांसनायक को दिल प्रत्यारोपण हुआ था।
6 मिनट में टीम पहुंची अस्पताल
पालम एयरफोर्स अड्डे से आरआर अस्पताल तक करीब छह मिनट में दिल करीब साढ़े पांच किलोमीटर का सफर तय करके पहुंचा। दिल्ली पुलिस के संयुक्त आयुक्त ने बताया कि ग्रीन कॉरिडोर की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने तैयारियां पूरी कर ली थी।
एयरफोर्स स्टेशन के तकनीकी क्षेत्र से दिल लेने के बाद दिल्ली कैंट होते हुए इसे आरआर अस्पताल तक पहुंचाया गया। आमतौर पर इस रास्ते से करीब आधा घंटे का समय लगता है।
दिल्ली सैन्य एवं आरआर अस्पताल के कर्नल डॉ. समीर कुमार बताते हैं कि यह दूसरी बार है जब सेना के किसी जवान को दिल प्रत्यारोपित किया है। इससे पहले इसी टीम की निगरानी में मई माह में एक लांसनायक को दिल प्रत्यारोपण हुआ था।
6 मिनट में टीम पहुंची अस्पताल
पालम एयरफोर्स अड्डे से आरआर अस्पताल तक करीब छह मिनट में दिल करीब साढ़े पांच किलोमीटर का सफर तय करके पहुंचा। दिल्ली पुलिस के संयुक्त आयुक्त ने बताया कि ग्रीन कॉरिडोर की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने तैयारियां पूरी कर ली थी।
एयरफोर्स स्टेशन के तकनीकी क्षेत्र से दिल लेने के बाद दिल्ली कैंट होते हुए इसे आरआर अस्पताल तक पहुंचाया गया। आमतौर पर इस रास्ते से करीब आधा घंटे का समय लगता है।