{"_id":"6a9ac123d5297e1d940d559b","slug":"india-and-germany-join-forces-to-make-healthcare-services-sustainable-through-green-ai-delhi-ncr-news-c-340-1-del1011-153418-2026-09-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Delhi NCR News: ग्रीन एआई से स्वास्थ्य सेवाओं को टिकाऊ बनाने के लिए भारत-जर्मनी साथ आए","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Delhi NCR News: ग्रीन एआई से स्वास्थ्य सेवाओं को टिकाऊ बनाने के लिए भारत-जर्मनी साथ आए
विज्ञापन
-आईआईटी दिल्ली में दो दिवसीय कार्यशाला
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। आईआईटी दिल्ली में स्वास्थ्य सेवा और मानसिक स्वास्थ्य के लिए ग्रीन एआई विषय पर दो दिवसीय भारत-जर्मनी द्विपक्षीय कार्यशाला आयोजित की गई। इस कार्यशाला में मानसिक स्वास्थ्य के लिए छोटे और सुरक्षित एआई मॉडल विकसित करने पर जोर दिया गया। कार्यशाला में भारत और जर्मनी के 30 से अधिक विशेषज्ञों और शोधकर्ताओं ने हिस्सा लिया।
कार्यशाला का आयोजन आईआईटी दिल्ली के प्रो. तनमय चक्रवर्ती और टीयू डार्मस्टाट की प्रो. इरीना गुरेविच ने किया। कार्यशाला में प्रो. इरीना गुरेविच ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य के लिए बड़े मॉडल बनाने के बजाय छोटे, निजी और डिवाइस पर ही काम करने वाले एआई मॉडल अधिक उपयोगी हो सकते हैं।
आईजीएसटीसी की निदेशक डॉ. कुसुमिता अरोड़ा ने कहा कि कार्यशाला का उद्देश्य ग्रीन एआई, स्वास्थ्य और मानसिक स्वास्थ्य जैसे साझा क्षेत्रों में भारत-जर्मनी सहयोग को आगे बढ़ाना है। आईआईटी दिल्ली के प्रो. तनमय चक्रवर्ती ने कहा कि एआई का अगला चरण केवल बड़े मॉडल बनाने का नहीं बल्कि कुशल, टिकाऊ, भरोसेमंद और सुलभ सिस्टम तैयार करने का है। कार्यशाला में भविष्य के संयुक्त शोध, नवाचार और क्षमता निर्माण के लिए रोडमैप तैयार करने की दिशा में भी चर्चा हुई।
विज्ञापन
कार्यशाला के प्रमुख उद्देश्यों में भारत-जर्मनी के बीच ज्ञान का आदान-प्रदान बढ़ाना और मेडिकल इमेजिंग, क्लिनिकल डिसीजन सपोर्ट, मानसिक स्वास्थ्य और बहुभाषी स्वास्थ्य सेवाओं में एआई के नए उपयोग तलाशना शामिल था।
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। आईआईटी दिल्ली में स्वास्थ्य सेवा और मानसिक स्वास्थ्य के लिए ग्रीन एआई विषय पर दो दिवसीय भारत-जर्मनी द्विपक्षीय कार्यशाला आयोजित की गई। इस कार्यशाला में मानसिक स्वास्थ्य के लिए छोटे और सुरक्षित एआई मॉडल विकसित करने पर जोर दिया गया। कार्यशाला में भारत और जर्मनी के 30 से अधिक विशेषज्ञों और शोधकर्ताओं ने हिस्सा लिया।
कार्यशाला का आयोजन आईआईटी दिल्ली के प्रो. तनमय चक्रवर्ती और टीयू डार्मस्टाट की प्रो. इरीना गुरेविच ने किया। कार्यशाला में प्रो. इरीना गुरेविच ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य के लिए बड़े मॉडल बनाने के बजाय छोटे, निजी और डिवाइस पर ही काम करने वाले एआई मॉडल अधिक उपयोगी हो सकते हैं।
विज्ञापन
आईजीएसटीसी की निदेशक डॉ. कुसुमिता अरोड़ा ने कहा कि कार्यशाला का उद्देश्य ग्रीन एआई, स्वास्थ्य और मानसिक स्वास्थ्य जैसे साझा क्षेत्रों में भारत-जर्मनी सहयोग को आगे बढ़ाना है। आईआईटी दिल्ली के प्रो. तनमय चक्रवर्ती ने कहा कि एआई का अगला चरण केवल बड़े मॉडल बनाने का नहीं बल्कि कुशल, टिकाऊ, भरोसेमंद और सुलभ सिस्टम तैयार करने का है। कार्यशाला में भविष्य के संयुक्त शोध, नवाचार और क्षमता निर्माण के लिए रोडमैप तैयार करने की दिशा में भी चर्चा हुई।
विज्ञापन
कार्यशाला के प्रमुख उद्देश्यों में भारत-जर्मनी के बीच ज्ञान का आदान-प्रदान बढ़ाना और मेडिकल इमेजिंग, क्लिनिकल डिसीजन सपोर्ट, मानसिक स्वास्थ्य और बहुभाषी स्वास्थ्य सेवाओं में एआई के नए उपयोग तलाशना शामिल था।