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यूपी में इंटरलॉकिंग के कार्यों की जांच के आदेश
कुलदीप सिंह राघव/अमर उजाला, गाजियाबाद
Updated Sun, 06 Apr 2014 01:20 AM IST
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प्रदेश में इंटरलाकिंग टाइल्स के कार्यों की त्वरित जांच के आदेश नगर विकास विभाग ने जारी किए हैं। यह निर्णय विभाग ने लगातार मिल रहीं वित्तीय अनियमितताओं की शिकायत के बाद लिया है।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि जांच के लिए हर मंडल में चार सदस्यीय समिति बनेगी। समिति को एक माह में जांच की रिपोर्ट नगर विकास अनुभाग को भेजनी होगी।
बता दें कि प्रदेश भर में नगर विकास विभाग के अंतर्गत नगर निगमों, नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों में इंटरलाकिंग टाइल्स से सड़कों का निर्माण कराया गया है।
बड़े स्तर पर नगर क्षेत्र में इंटरलाकिंग के काम किए गए हैं। विभाग को लगातार कार्य में धांधली, खराब मानक की टाइल्स लगाने, सीसी रोड पर रेत डालकर इंटरलाकिंग टाइल्स बिछाने और कार्यों के दोबारा भुगतान की शिकायतें मिल रही थीं।
नगर विकास विभाग के सचिव श्रीप्रकाश सिंह ने पत्र में बताया कि जांच के लिए मंडल स्तर पर चार सदस्यीय समिति बनेगी। समिति में मंडलायुक्त द्वारा नामित डीएम अध्यक्ष होंगे, नगर आयुक्त या अधिशासी अधिकारी, सीएंडडीएस के अधिकारी और निगम के अधिशासी अभियंता सदस्य होंगे।
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समिति को एक महीने के भीतर नगर विकास को जांच की रिपोर्ट सौंपनी है। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि जांच के दौरान वीडियोग्राफी कराई जाएगी। उसके बाद टाइल का सैंपल प्रयोगशाला भेजा जाएगा। समिति को रोजाना एक नगर निकाय में 30 स्थानों पर इंटरलाकिंग टाइल्स के सैंपल लेने होंगे।
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विभाग ने स्पष्ट किया है कि जांच के लिए हर मंडल में चार सदस्यीय समिति बनेगी। समिति को एक माह में जांच की रिपोर्ट नगर विकास अनुभाग को भेजनी होगी।
बता दें कि प्रदेश भर में नगर विकास विभाग के अंतर्गत नगर निगमों, नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों में इंटरलाकिंग टाइल्स से सड़कों का निर्माण कराया गया है।
बड़े स्तर पर नगर क्षेत्र में इंटरलाकिंग के काम किए गए हैं। विभाग को लगातार कार्य में धांधली, खराब मानक की टाइल्स लगाने, सीसी रोड पर रेत डालकर इंटरलाकिंग टाइल्स बिछाने और कार्यों के दोबारा भुगतान की शिकायतें मिल रही थीं।
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नगर विकास विभाग के सचिव श्रीप्रकाश सिंह ने पत्र में बताया कि जांच के लिए मंडल स्तर पर चार सदस्यीय समिति बनेगी। समिति में मंडलायुक्त द्वारा नामित डीएम अध्यक्ष होंगे, नगर आयुक्त या अधिशासी अधिकारी, सीएंडडीएस के अधिकारी और निगम के अधिशासी अभियंता सदस्य होंगे।
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समिति को एक महीने के भीतर नगर विकास को जांच की रिपोर्ट सौंपनी है। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि जांच के दौरान वीडियोग्राफी कराई जाएगी। उसके बाद टाइल का सैंपल प्रयोगशाला भेजा जाएगा। समिति को रोजाना एक नगर निकाय में 30 स्थानों पर इंटरलाकिंग टाइल्स के सैंपल लेने होंगे।