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यात्री कृपया ध्यान दें: दिल्ली मेट्रो में आया हार्ट अटैक, तो नहीं मिलेगी जीवनरक्षक एईडी की सुविधा, जानें वजह

Wed, 01 Jan 2025 08:33 AM IST
अनुज कुमार अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: अनुज कुमार Updated Wed, 01 Jan 2025 08:33 AM IST
सार

दिल्ली मेट्रो में सफर करने वाले यात्री ध्यान दें कि अगर किसी यात्री को मेट्रो में सफर के दौरान हार्ट अटैक आया तो जीवनरक्षक एईडी की सुविधा नहीं मिलेगी। इसका खुलासा एक आरटीआई से हुआ है। 

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If you suffer a heart attack in Delhi Metro you will not get life saving AED facility
delhi metro new - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

दिल्ली मेट्रो में सफर के दौरान यदि किसी व्यक्ति को हार्ट अटैक आता है तो सीपीआर देने वाले पर निर्भर रहना होगा। एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन के छह मेट्रो स्टेशनों को छोड़कर अन्य स्टेशनों पर ऐसे मरीजों को तुरंत उपचार देने के लिए जीवन रक्षक आटोमेटिक एक्सटर्नल डिफिब्रिलेटर (एईडी) मौजूद नहीं है। इसका खुलासा एक प्रशिक्षु डॉक्टर के आरटीआई लगाकर मांगी गई जानकारी में हुआ है। 
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विशेषज्ञों का कहना है कि एईडी की मदद से हार्ट अटैक के मरीज को तुरंत इलाज देकर रिवाइव किया जा सकता है। यह एक पोर्टेबल चिकित्सा उपकरण है। इसे दिल की धड़कन अचानक और असामान्य रूप से रुकने (कार्डियक अरेस्ट) के दौरान इस्तेमाल किया जाता है। इसका उद्देश्य दिल की धड़कन को सामान्य बनाने के लिए शॉक देना होता है। हार्ट अटैक आने पर गोल्डन आवर में यदि मरीज को तुरंत उपचार न मिले तो मरीज की मौत तक हो सकती है। दिल्ली मेट्रो में हार्ट अटैक के कई मामले सामने आ चुके हैं। ऐसे कई वीडियो भी वायरल हुए हैं। दिल्ली मेट्रो में रोजाना 60 से 70 लाख यात्री सफर करते हैं।
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दरअसल, प्रशिक्षु डाक्टर अमन कौशिक ने आरटीआइ के माध्यम से दिल्ली मेट्रो रेल निगम से जानकारी मांगी। इसके जवाब में बताया गया कि एनसीआर में मौजूद 288 में से 282 स्टेशनों पर एईडी मशीन नहीं है। इसमें गुरुग्राम के रैपिड मेट्रो व नोएडा को एक्वा लाइन के स्टेशन भी शामिल हैं।
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प्राथमिक उपचार देने के लिए प्रशिक्षित हैं मेट्रो के कर्मचारी  
दिल्ली मेट्रो के अधिकारियों का कहना है कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी परिचालन कर्मी, कर्मचारी को प्राथमिक चिकित्सा-सीपीआर प्रशिक्षण दिया गया। सभी ट्रेन ऑपरेटरों और सभी मेट्रो स्टेशनों पर प्राथमिक चिकित्सा किट भी उपलब्ध हैं। यदि कोई यात्री अस्वस्थ महसूस करता है तो वह या आसपास के लोग तुरंत आवश्यक चिकित्सा के लिए मदद मांग सकते हैं। जरूरत के आधार पर बीमार यात्री को तुरंत व्हीलचेयर, स्ट्रेचर और प्राथमिक चिकित्सा सहित अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराईं जाती हैं।

सफर में यात्री को आया था हार्ट अटैक  
डा. कौशिक का दावा है कि मेट्रो यात्रा के दौरान एक यात्री को अचानक हार्ट अटैक आया और वह बेहोश हो गए। उन्हें तुरंत सीपीआर (कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन) देना शुरू किया। इसके बाद मरीज की जान बची। बाद में इमरजेंसी बटन दबाकर मरीज को आजादपुर मेट्रो स्टेशन पर उतारा गया और अस्पताल भेजा गया। इस स्टेशन पर भी एईडी मशीन नहीं थी। वहीं वायलेट लाइन पर हार्ट अटैक होने से एक 26 वर्षीय युवा डाक्टर की मौत हो गई थी।  

कोर्ट ने सुविधा का दिया था निर्देश
दिल के मरीजों की सुविधा को देखते हुए हार्ट केयर फाउंडेशन ने साल 2018 में दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर कर एईडी उपकरण लगाने की मांग रखी थी। इस पर कोर्ट ने स्वास्थ्य विभाग को सार्वजनिक स्थलों और डीएमआरसी को प्रमुख इंटरचेंज स्टेशनों पर एईडी उपकरण लगाने का निर्देश दिया था, लेकिन इस पर अमल नहीं हुआ।

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