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जानिए आप और भाजपा की जंग के बीच कैसे हुई कांग्रेस की जीत

Wed, 18 May 2016 01:30 AM IST
रोकेश भट्ट/अमर उजाला, नई दिल्ली
रोकेश भट्ट/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Wed, 18 May 2016 01:30 AM IST
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How did you know the Congress and the BJP won the war
जीत से कांग्रेस में खुशी की लहर - फोटो : अमर उजाला
आम आदमी पार्टी सरकार और भाजपा की तू तू मैं मैं के बीच एमसीडी चुनाव के सेमीफाइनल में कांग्रेस फायदा उठाने में कामयाब रही है। उप चुनाव वाले 13 वार्डों में से 12 में विधानसभा चुनाव के दौरान आप आगे थी लेकिन अब उसे पांच सीटों पर संतोष करना पड़ा। 
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जाहिर है कि पंजाब विधानसभा चुनाव व अगले ही वर्ष दिल्ली नगर निगम के चुनावों में कांग्रेस इस परिणाम के आधार पर अपने लौटते जनाधार को बढ़ाने की कोशिश करेगी। वैसे तो इस उपचुनाव में 13 में से पांच सीटें जीतकर आप नंबर वन पर है और उसकी एंट्री भी नगर निगम में हो गई लेकिन यह परिणाम उसे संतुष्ट करने वाले नहीं हैं। 
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2015 विधानसभा चुनाव के मुकाबले इस उपचुनाव में आप का मत प्रतिशत करीब 24 फीसदी घटा है। आप को दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्र संघ चुनाव में भी झटका लगा, इसमें चारों सीटें एबीवीपी के हाथ लगी। 
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इसके बाद अब एमसीडी के चुनाव 2017 से पहले 13 सीटों पर हुए उपचुनाव को एमसीडी चुनाव का सेमीफाइनल माना जा रहा था। कांग्रेस इस बार अप्रत्याशित रूप से चार सीटों को झटकने में कामयाब रही। 
 

वापसी के लिए झटपटा रही थी कांग्रेस

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एमसीडी के उपचुनाव में 5 सीटें जीती आप - फोटो : ani

पिछले विधानसभा चुनाव में दिल्ली विधानसभा के इतिहास में पहली बार कांग्रेस शून्य पर रही थी। ऐसे में कांग्रेस किसी तरह से वापसी के लिए झटपटा रही थी और उसे इस बार काफी हद तक कामयाबी भी मिली। 
हालांकि वर्ष 2012 के नगर निगम चुनावों की बात करें तो इन वार्डों में कांग्रेस को 27.71 प्रतिशत मत मिले थे जबकि इस बार 24.87 प्रतिशत ही मत मिले।

भाजपा को इस उपचुनाव में सबसे बड़ा झटका लगा है। तीनों नगर निगमों में सत्ता पर काबिज भाजपा के लिए यह परिणाम खतरे की घंटी है।पिछले चुनाव में इन 13 सीटों में से 7 सीटें उसने जीती थी जबकि 2012 में मत प्रतिशत 40.99 के मुकाबले इस बार उसे 34.11 फीसदी मत मिले हैं। 

हालांकि पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान 13 वार्डों में से सिर्फ एक सीट पर उसने बढ़त हासिल की। माना जा रहा है आम आदमी पार्टी की केंद्र से जारी तकरार के बीच परेशान मतदाताओं ने कांग्रेस को संजीवनी देने का काम किया है। चुनाव वाले नगर निगम वार्ड जिन विधानसभा क्षेत्रों के अंतर्गत आते हैं उनमें सभी में आप के विधायक है। ऐसे में जाहिर है इस उपचुनाव के परिणाम के बाद आप और भाजपा को आत्ममंथन करना होगा।

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