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जॉनसन एंड जॉनसन कंपनी पर जुर्माने के आदेश पर हाईकोर्ट ने लगाई रोक
Wed, 19 Feb 2020 05:49 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Wed, 19 Feb 2020 05:49 AM IST
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हाईकोर्ट ने राष्ट्रीय मुनाफाखोरी रोधी प्राधिकरण (एनएपीए) द्वारा जॉनसन एंड जॉनसन प्राइवेट लिमिटेड पर जुर्माना लगाने के लिए जारी कारण बताओ नोटिस पर मंगलवार को रोक लगा दी।
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हाईकोर्ट ने कहा ऐसा लगता है इस आदेश पर विचार करने की जरूरत है। एनएपीए ने कंपनी को कथित रूप से सेनेटरी नैपकिन पर कर घटने के बावजूद खरीदारों को उसका लाभ नहीं देने के लिए दंडित किया था।
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न्यायमूर्ति विपिन सांघी और न्यायमूर्ति संजीव नरूला की खंडपीठ ने मंगलवार को आदेश दिया कि अमेरिकी कंपनी की भारतीय शाखा के खिलाफ अगली तारीख तक किसी तरह की दंडात्मक कार्यवाही शुरू न की जाए।
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खंडपीठ ने केंद्र सरकार, एनएपीए और उसके महानिदेशक को नोटिस जारी कर अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया है। याचिका पर अगली सुनवाई के लिए 24 सितंबर की तारीख तय की है। कंपनी ने एनएपीए द्वारा लगाए गए जुर्माने के फैसले को चुनौती देते हुए याचिका दायर की थी।
जॉनसन एंड जॉनसन कंपनी ने याचिका में कहा एनएपीए ने उस पर इस आरोप में जुर्माना लगाया है कि उसने 27 जुलाई 2018 और 30 सितंबर 2018 के बीच कर में कटौती का फायदा अपने ग्राहकों को नहीं दिया और इस तरह कंपनी ने 42.7 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया जो केंद्रीय माल और सेवा कर अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन है।
याचिकाकर्ता ने कहा कि 27 जुलाई 2018 से पहले सेनेटरी पैड्स पर 12 प्रतिशत की दर से जीएसटी लगता था, लेकिन उसके बाद जीएसटी से छूट मिल गई। हालांकि कंपनी ने कोई भी इनपुट टैक्स क्रेडिट नहीं लिया जिससे उसके उत्पाद के लागत मूल्य में बढ़ोतरी हो गई।