हत्या के आरोपी ने पिता बनने के लिए मांगी जमानत
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दिल्ली हाईकोर्ट ने एक हत्या के आरोपी के एक व्यक्ति की उस याचिका को खारिज कर दिया जिसमें उसने पिता बनने के लिए अंतरिम जमानत मांगी थी। याचिका में उसने कहा था कि यह उसका अधिकार है इसलिए उसे पत्नी से संबंध बनाने के लिए जमानत मिलनी चाहिए।
आरोपी ने याचिका में कहा था कि वर्ष 2008 के फरवरी महीने में उसकी शादी हुई थी और अक्टूबर में उसे हत्या के आरोप में जेल में बंद कर दिया गया।
हालांकि कोर्ट ने उसकी दलील को खारिज कर दिया। सरकारी वकील ने उसकी याचिका के खिलाफ दलील में कहा कि उसकी अर्जी में कोई दम नहीं है। आरोपी के खिलाफ हत्या जैसा गंभीर मामला चल रहा है और इसका ट्रायल जल्द ही पूरा होने वाला है ऐसे में उसे जमानत देना किसी भी तरीके से तर्क संगत नहीं है।
बाप बनने के लिए मांगी 45 दिन की जमानत
दरअसल, हाईकोर्ट में याचिका दायर करने वाले इस आरोपी ने 2008 में फिरौती के लिए एक छात्र का अपहरण किया था। उसने लड़के के पिता से 40 लाख रुपए फिरौती मांगी थी।
बाद में उसने छात्र की हत्या कर दी थी। पुलिस जांच में उसका मोबाइल नंबर ट्रैक किया गया और उसे अक्टूबर में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। पुलिस ने उससे पूछताछ की तो सारी पोल खुलती चली गई। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने छात्र की लाश और वारदात में प्रयोग की गई गाड़ी बरामद कर ली।
लाश की पहचान के लिए डीएनए टेस्ट भी कराया गया। सरकारी वकील ने बताया कि निचली अदालत ने इस मामले की सुनवाई लगभग पूरी कर ली है। हाईकोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए उसे जमानत देने से मना कर दिया।
आरोपी ने अपनी याचिका में कहा था कि यह उसका अधिकार है कि पिता बनने के लिए वह पत्नी से संबंध बनाए। इसलिए उसे 45 दिन की अंतरिम जमानत दी जानी चाहिए।