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Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   High Court asks for decision on AI-created art within 8 weeks

Delhi NCR News: एआई से बनी कला पर हाईकोर्ट ने 8 हफ्ते में फैसला करने को कहा

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 09 Apr 2026 10:21 PM IST
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- कॉपीराइट विवाद में मशीन को रचनाकार मानने पर उठे बड़े सवाल
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने बृहस्पतिवार को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) से तैयार कलाकृति के पंजीकरण को लेकर अहम निर्देश जारी करते हुए कॉपीराइट कार्यालय को आठ सप्ताह के भीतर फैसला करने का आदेश दिया है। न्यायमूर्ति तुषार राव गेडेला की एकलपीठ ने अमेरिकी शोधकर्ता स्टीफन थेलर की याचिका का निपटारा करते हुए यह निर्देश दिया।
मामला एआई प्रणाली ‘डेबस’ द्वारा बनाई गई कलाकृति ‘ए रीसेंट एंट्रेंस टू पैराडाइज’ के कॉपीराइट पंजीकरण से जुड़ा है। थेलर का दावा है कि यह पूरी तरह मशीन-जनित रचना है, जिसमें किसी मानव की सीधी रचनात्मक भूमिका नहीं है। उन्होंने 2022 में आवेदन किया था, लेकिन चार साल बाद भी कोई निर्णय नहीं हुआ। अब अदालत ने 27 अप्रैल 2026 की सुनवाई के बाद अधिकतम आठ सप्ताह में प्रक्रिया पूरी करने को कहा है।
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यह मामला भारत में एआई से बनी सामग्री के स्वामित्व और रचनाकार की पहचान को लेकर महत्वपूर्ण बहस को जन्म दे रहा है। कॉपीराइट अधिनियम 1957 कंप्यूटर-जनित रचनाओं को मान्यता देता है, लेकिन गैर-मानव इकाई को रचनाकार मानने का स्पष्ट प्रावधान नहीं है। इसी कारण कानूनी व्याख्या में असमंजस बना हुआ है। गौरतलब है कि स्टीफन थेलर की ऐसी याचिकाएं पहले संयुक्त राज्य अमेरिका, ब्रिटेन और यूरोपीय संघ में खारिज हो चुकी हैं। ऐसे में दिल्ली हाईकोर्ट का यह मामला भारत में एआई आधारित रचनाओं के भविष्य और कानूनी ढांचे को दिशा देने वाला साबित हो सकता है।
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