RML में तैयार होगा हार्ट कमांड सेंटर: अलग से तैयार होगी कॉर्डियो इमरजेंसी, सीधे हृदयरोग विभाग में आएंगे मरीज
आरएमएल अस्पताल में तैयार हो रहा करीब 550 बेड का सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक अंतिम चरण में है। इस ब्लॉक को मार्च तक पूरा कर लिया जाएगा और अप्रैल माह से सुविधाएं शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। इस ब्लॉक में स्ट्रोक और हार्ट के मरीजों के लिए अलग से यूनिट बनाए गए है।
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डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल में अगले साल अप्रैल माह से सफदरजंग की तर्ज पर हार्ट कमांड सेंटर की सुविधा मिलेगी। हृदयरोग विभाग में आने वाले मरीजों को सीधे कार्डियो-इमरजेंसी में लाया जाएगा। यहां तुरंत उसकी जांच शुरू हो जाएगी। अभी मरीजों को मेडिसिन विभाग से होकर आना होता है जिससे कई बार काफी देर होने के कारण स्थिति गंभीर हो जाती है।
दरअसल, आरएमएल अस्पताल में तैयार हो रहा करीब 550 बेड का सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक अंतिम चरण में है। इस ब्लॉक को मार्च तक पूरा कर लिया जाएगा और अप्रैल माह से सुविधाएं शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। इस ब्लॉक में स्ट्रोक और हार्ट के मरीजों के लिए अलग से यूनिट बनाए गए है। इनमें करीब 40 बेड की सुविधा कार्डियोलॉजी विभाग में रखने की योजना है। जिसमें विशेष रूप से इमरजेंसी सेवा मिलेगी।
अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डाॅ. अजय शुक्ला ने बताया कि ब्लाॅक के निर्माण के साथ आक्सीजन की पाइप लाइन, वार्ड में आक्सीजन के प्वाइंट सहित अन्य का काम भी चल रहा है। छह मंजिल तक आंतरिक साज सज्जा का काम हो चुका है। अकेले दो माह में काफी हद तक काम पूर हो जाएगा।
अभी इमरजेंसी से आते हैं मरीज
इस बारे में कार्डियोलाजी विभाग के अध्यक्ष डॉ. आरके नाथ ने बताया कि अभी मरीज सामान्य आपातकालीन विभाग में आते हैं। यहां मेडिसिन विभाग के बाद हार्टअटैक के डॉक्टर देखते हैं। जिससे मरीज की स्थिति खराब हो जाती है। नई सुविधा विकसित होने के बाद मरीजों को काफी फायदा होगा। उन्होंने कहा कि देश में दिल के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं। अस्पताल में पिछले साल हार्ट अटैक के करीब 900 मरीजों को निशुल्क प्राइमरी एंजियोप्लास्टी की गई।
दिल को रखें स्वस्थ
कार्डियोलॉजी विभाग के प्रोफेसर डॉ. तरुण कुमार ने बताया कि देश में कम उम्र के लोगों में तेजी से दिल का रोग बढ़ रहा है। इसके कुछ मूल कारण है जिसे बदल नहीं सकते। जबकि कुछ ऐसे कारण है जिन्हें रोक कर 90% तक हार्ट अटैक से सुरक्षित हो सकते हैं। इसमें धूम्रपान, उच्च रक्तचाप, मधुमेह, मोटापा, खानपान, व्यायाम व कोलेस्ट्रॉल पर नियंत्रण रखना जरूरी है।
आयोजित हुए जागरूकता कार्यक्रम
वर्ल्ड हार्ट डे के अवसर पर शुक्रवार को दिल्ली के विभिन्न अस्पतालों में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस मौके पर एमबीबीएस, नर्सिंग छात्र व डॉक्टरों ने पोस्टर बनाकर मरीजों को जागरूक किया गया। इस दौरान डाक्टरों ने बताया कि जिनके घर में पहले से दिल के मरीज हैं उन्हें विशेष ध्यान रखना चाहिए। इसके अलावा कुछ अन्य कारण है जिससे दिल का रोग बढ़ रहा है। देश में हर साल लाखों मरीजों की मौत दिल के दौरे से हो जाती है। इसमें करीब आधी संख्या 50 साल से कम उम्र के मरीजों की है। इसके अलावा देखा जा रहा है कि कोरोना महामारी के बाद दिल के पंपिंग करने की गति में बदलाव देखा गया है। कई लोगों की मांसपेशियां काफी कमजोर हो गई है जिससे हार्ट अटैक की घटनाएं बढ़ रही है।