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चुनाव बाद भी हेल्थ सेवाएं नहीं पकड़ पाएंगी रफ्तार
रश्मि ओझा/अमर उजाला, गाजियाबाद
Updated Thu, 15 May 2014 02:55 PM IST
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लोकसभा चुनाव आचार संहिता के कारण अभी तक स्वास्थ्य योजनाएं शिथिल पड़ी थीं। आचार संहिता हटने के बाद भी जल्द सुधार के संकेत नहीं मिल रहे हैं।
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स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग भारत सरकार ने सभी राज्यों से तीन साल की पीआईपी (प्रोग्राम इंप्लीमेंटेशन प्लान) की मांग की थी। सभी राज्यों को 2014 से 17 के लिए फरवरी से पहले पीआईपी केंद्र सरकार को भेजना था।
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कई राज्य का पीआईपी समय पर नहीं पहुंचा, इसलिए बजट जारी नहीं हो सका। पीआईपी समय पर न भेजने वाले राज्यों में यूपी भी शामिल है।
स्वास्थ्य सचिव भारत सरकार ने मिशन डायरेक्टर को पत्र लिखकर अवगत कराया है कि समय पर पीआईपी न पहुंचने के कारण अब चुनाव बाद मई के अंत में बजट जारी होगा। एनआरएचएम की जारी योजनाओं में कोई बाधा न आए इसके भी निर्देश दिए गए हैं।
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इस साल तीन साल के लिए बनेगी पीआईपी
इस बार केंद्र सरकार ने सभी राज्यों से तीन साल की पीआईपी मांगी थी। इसमें एनआरएचएम के तहत चलने वाली योजनाओं की जरूरतों और किस मद में कितना खर्च आएगा? इन सभी की जानकारी देनी थी।