फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   HC declines to entertain plea seeking ban on Kejriwal's letter

कोर्ट के एक और मामले में फंसते-फंसते बचे केजरीवाल

Wed, 28 May 2014 07:05 PM IST
Updated Wed, 28 May 2014 07:05 PM IST
विज्ञापन
HC declines to entertain plea seeking ban on Kejriwal's letter

दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री को जेल से आम लोगों व कार्यकर्ताओं के नाम तिहाड़ जेल से खुला पत्र जारी करने के मामले में फिलहाल राहत मिल गई। हाईकोर्ट पत्र व आप की वेबसाइट पर रोक लगाने संबंधी दायर याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया।

विज्ञापन


याचिका में इसे आम लोगों को कानून के प्रति भडकाने का रवैया बताते हुए केजरीवाल के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की गई थी।

मुख्य न्यायाधीश जी.रोहिणी व न्यायमूर्ति आरएस एंडलॉ की खंडपीठ ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि जनहित याचिका के जरिए इस प्रकार के मुद्दे उठाने की इजाजत नहीं दी जा सकती। खंडपीठ ने कहा कि आप पार्टी ले केजरीवाल के पत्र को भी अपनी वेबसाइट से हटा लिया है ऐसे में वेबसाइट पर भी प्रतिबंध लगाने का औचित्य नहीं है।

विज्ञापन

आम लोगों को लिखा था खुला पत्र

HC declines to entertain plea seeking ban on Kejriwal's letter

खंडपीठ ने कहा कि  याचि यदि चाहे तो निचली अदालत में आपराधिक मुकदमा दायर करने के लिए याचिका दायर कर सकता है। यह याचिका अधिवक्ता विवेक नारायण ने दायर की थी।

याचि ने आरोप लगाया कि भाजपा नेता नितिन गडकरी मानहानि मामले में जमानती मुचलका न भरने के कारण अदालत ने केजरीवाल को 23 मई को जेल भेज दिया था और उन्होंने उसी शाम को तिहाड़ जेल से आम लोगों व कार्यकर्ताओं के नाम खुला पत्र जारी कर दिया। पत्र में उन्होंने जेल में होने के पीछे की परिस्थितियों संबंधी तर्क दिए है।

केजरीवाल की मंशा समाज को भड़काना है

HC declines to entertain plea seeking ban on Kejriwal's letter

उन्होंने कहा कि केजरीवाल ने पत्र के जरिए अदालत के फैसले को चुनौती देते हुए लोगों को कानून का पालन न करने के लिए भडकाने का रवैया अपनाया है जो समाज के लिए खतरनाक है। उन्होंने पत्र के जरिए अदालत के खिलाफ माहौल बनाने का प्रयास किया है। उन्होंने कहा कि केजरीवाल का रवैया गंभीर मानहानि व तिरस्कारपूर्ण आचरण का है।

उन्होंने कहा कि केजरीवाल द्वारा जारी पत्र आप की वेबसाइट पर है। आप के पदाधिकारी इस पत्र को बांट रहे है, इससे अदालत के आदेश को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है। इतना ही नहीं सोशल मीडिया पर भी पत्र जारी किया गया है। आप कार्यकर्ताओं की योजना पत्र को हर घर में पहुंचाने की है। वे समाज में अराजकता फैला रहे है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed