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HC ने पेड़ों की कटाई पर केंद्र सरकार से मांगा जवाब, सरकारी पक्ष जाने बिना अंतरिम रोक से किया इनकार
ब्यूरो,अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sat, 23 Jun 2018 10:02 AM IST
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delhi HC
हाईकोर्ट ने दक्षिण दिल्ली की छह सरकारी कॉलोनियों के पुनर्विकास के लिए 16 हजार से ज्यादा पेड़ काटने की अनुमति पर अंतरिम रोक लगाने से इनकार कर दिया है। इन कॉलोनियों का विकास नेशनल बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन कॉरपोरेशन (एनबीसीसी) व केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (सीपीडब्ल्यूडी) द्वारा किया जाना है।
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जस्टिस एके चावला व जस्टिस नवीन चावला की अवकाशकालीन खंडपीठ ने इस मुद्दे पर केंद्र सरकार, एनबीसीसी, सीपीडब्ल्यूडी व दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण कमेटी (डीपीसीसी) को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
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डॉक्टर कुशल कांत मिश्रा की याचिका पर कोर्ट ने कहा कि इन एजेंसियों का पक्ष जाने बिना अंतरिम आदेश जारी नहीं किया जा सकता। याची ने कहा है कि इन प्रोजेक्ट के टर्म ऑफ रेफरेंस (टीओआर) व पर्यावरण संबंधी एनओसी को रद किया जाए, क्योंकि इससे 16500 पेड़ों को काट दिया जाएगा। इस पुनर्विकास कार्य के लिए सरोजनी नगर, नौरोजी नगर, नेताजी नगर, त्यागराज नगर, मोहम्मदपुर व कस्तूरबा नगर में पेड़ों को काटा जाएगा।
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याचिका में कहा गया है कि इतने बड़े स्तर पर पेड़ काटने से पर्यावरण पर प्रदूषण का दवाब बढ़ेगा और इसकी भरपाई दूसरे स्थानों पर पौधरोपण करके नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि पूर्ण रूप से विकसित पेड़ों को काटकर छोटे पौधे लगाना अप्रभावी विकल्प है।