अपनी सुविधा के चलते रोडवेज ने सड़कों से गायब की बसें
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अपनी सुविधा के लिए रोडेवज यात्रियों की फजीहत कराने पर तुल गया है। हादसों की दुहाई देकर विभाग ने शहर के कई अंदरुनी रूटों से सामान्य बसें हटा ली हैं।
नवंबर से लेकर अप्रैल तक छह महीने में हुई सात दुर्घटनाओं के बाद विभाग ने हादसों से निपटने के लिए अपनी मनमर्जी से खास प्लान बनाया है। ऐसे में जब ज्यादा भीड़ वाले इलाके में ज्यादा बसें चलानी चाहिए तो रोडवेज ने ठीक इसका उल्टा किया है।
रोडवेज ने ऐसी सड़कों पर सामान्य बसों का संचालन बंद कर दिया है जहां यात्रियों की अधिक भीड़ है, खासतौर से स्कूल-कॉलेज के विद्यार्थियों की। ऐसे में सबसे ज्यादा दिक्कत रेलवे स्टेशन से हुडा सिटी सेंटर मेट्रो स्टेशन तक के यात्रियों की है।
एसी बसों से नहीं है दुर्घटना का खतरा
हादसों
की दुहाई देकर विभाग ने शहर के कई अंदरुनी रूटों से सामान्य बसें हटाकर सेमी लो-फ्लोर एसी बसें चलाई जा रह रही है। मजबूरी में यात्रियों को एसी बसों का मंहगा सफर करना पड़ा रहा है। रोडवेज के बेड़े में 60 के करीब एसी बसें और 100 के करीब सामान्य बसें। चूंकि दुर्घटनाएं शहर के अंदरुनी रूटों पर हो रही है, लिहाजा प्रबंधन ने
अंदरुनी रूटों पर समान्य बसों का संचालन बंद कर दिया है।
ऐसे में सबसे अधिक
दिक्कत रेलवे स्टेशन से हुडा सिटी सेंटर मेट्रो स्टेशन तक के यात्रियों की
है। पहले उस रूट पर 18 बसों का संचालन किया जा रहा है। इनमें 10 सामान्य
और आठ एसी बसें थी। सामान्य बसों को यहां से हटा लिया गया है। पालम विहार,
बदशाहपुर, डूंडाहेड़ा रूट पर स्थिति कुछ ऐसी है। यहां भी सामान्य बसों में
खासी कटौती की गई है।
एक बस के परिचालक ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि
एसी बसों से दुर्घटना होने की संभावना नहीं है। उन्होंने कहा कि इन
बसों में विद्यार्थी चढ़ने से कतराते हैं। अधिक भीड़ भी नहीं होती। ऐसे में
दुर्घटनाएं होने का सवाल ही नहीं। इस बीच चालक ने रास्ते में बस रोकना भी
बंद कर दिया। जिससे
रास्ते के यात्रियों को भी परेशानी हो रही है।