{"_id":"ee7b020b4e2eff5c79d386bbbe68c195","slug":"haryana-election-candidates-record-in-gurgaon-hindi-news-bm","type":"story","status":"publish","title_hn":"हरियाणा चुनाव: क्या इस साल टूटेगा ये रिकॉर्ड?","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हरियाणा चुनाव: क्या इस साल टूटेगा ये रिकॉर्ड?
ब्यूरो/अमर उजाला, गुड़गांव
Updated Tue, 16 Sep 2014 08:23 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गुड़गांव विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने वालों की सबसे कम संख्या वर्ष 1972 के दौर में थी। तब महज चार प्रत्याशी ही चुनावी मैदान में उतरे थे। यह हरियाणा विधानसभा के चुनावी इतिहास (1967-2009) में गुड़गांव क्षेत्र का कीर्तिमान है।
विज्ञापन
वर्ष 1967 में जब हरियाणा विधानसभा का पहला इलेक्शन हुआ था तो उस समय इस सीट फाइट के लिए सिर्फ पांच प्रत्याशी ही चुनावी रण में उतरे थे। मगर धीरे-धीरे लोगों में चुनाव लड़ने की ललक बढ़ती गई।
विज्ञापन
विज्ञापन
पढ़ें-हरियाणा चुनाव: भूलकर भी ये 5 काम न करें नेताजी
राजनीति से जुड़े लोगों का कहना था कि शुरूआती दौर में आम लोग खुद को राजनीति से दूर रखने की कोशिश करते थे। यही कारण है कि प्रारंभिक चुनावों में किस्मत आजमाने वालों की संख्या काफी कम होती थी। जैसे-जैसे राजनीतिक तौर पर जागरूकता लोगों में आने लगी तो चुनावी मैदान में अधिक उम्मीदवारी दिखने लगी है।
वर्ष 1967 से 2009 तक के हुए हरियाणा विधानसभा चुनावों में गुड़गांव सीट से सबसे अधिक प्रत्याशी वर्ष 1996 में मैदान में उतरे थे। चुनाव लड़ने वाले कुल प्रत्याशियों की उस दौरान संख्या 37 थी।
पढ़ें- चुनाव के पहले हुआ एक खतरनाक साजिश का खुलासा
गुड़गांव विधानसभा क्षेत्र के शुरूआत तीन चुनावों में किस्मत आजमाने वाले प्रत्याशियों की संख्या इकाई अंकों तक ही सीमित रही। इसमें वर्ष 1967 में पांच, 1968 में छह और 1972 में चार प्रत्याशी ही मैदान में उतरे थे। वर्ष 1976 से चुनाव लड़ने वालों की संख्या बढ़ने लगी।
1982 के चुनाव में कुल 21 उम्मीदवार मैदान में थे। 1991 के विधानसभा चुनाव में 30 लोगों की उम्मीदवारी थी। पिछले विधानसभा चुनाव वर्ष 2009 के गुड़गांव सीट से कुल 16 प्रत्याशियों ने ताल ठोकी थी। वर्ष 2014 के विधानसभा चुनाव में सबसे अधिक उम्मीदवारों को रिकॉर्ड टूटता है कि नहीं यह देखने वाली बात है।