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Gurugram News: गुरुग्राम में जीसीसी से युवाओं को मिलेंगे तकनीकी रोजगार के अवसर
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वैश्विक क्षमता केंद्र के बड़े हब के रूप में विकसित करने की तैयारी शुरू
एचएसआईआईडीसी संभावित स्थानों पर जमीन की पहचान कर रहा
आईएमटी मानेसर, सोहना और ग्लोबल सिटी में जीसीसी स्थापित करने की तैयारी
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। मिलेनियम सिटी को वैश्विक क्षमता केंद्र (ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर-जीसीसी) के बड़े हब के रूप में विकसित करने की तैयारी शुरू हो गई है। इसके लिए हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं बुनियादी ढांचा विकास निगम (एचएसआईआईडीसी) की ओर से संभावित स्थानों पर जमीन की पहचान की जा रही है। आईएमटी मानेसर, आईएमटी सोहना और ग्लोबल सिटी में जीसीसी स्थापित करने की संभावनाओं पर काम किया जा रहा है। इससे जिले में निवेश के नए रास्ते खुलने के साथ उच्च वेतन वाली तकनीकी नौकरियों के अवसर बढ़ने की उम्मीद है।
अब तक जिले में बड़ी संख्या में कंपनियों के कॉल सेंटर और बैक ऑफिस संचालन के लिए पहचान रही है। प्रस्तावित जीसीसी व्यवस्था के तहत शहर को इससे आगे ले जाकर एआई, डेटा साइंस, इंजीनियरिंग, वित्तीय सेवाओं, अनुसंधान एवं विकास और अन्य हाईटेक क्षेत्रों का केंद्र बनाने पर जोर है। इससे स्थानीय युवाओं के लिए तकनीकी और विशेषज्ञता आधारित रोजगार के अवसर बढ़ सकते हैं। साथ ही स्टार्टअप, प्रशिक्षण संस्थानों और स्थानीय सेवा क्षेत्र को भी इसका लाभ मिलने की संभावना है।
जीसीसी नीति-2026 के तहत प्रदेश में निवेश आकर्षित करने के लिए कंपनियों को परिचालन सहायता देने का प्रावधान किया गया है। नीति के अनुसार कंपनियों को पांच से नौ वर्ष तक सहायता मिल सकती है। यह सहायता अधिकतम 15 करोड़ रुपये प्रतिवर्ष तक हो सकती है। शुरुआती वर्षों में मिलने वाली यह सहायता कंपनियों को प्रदेश में लंबे समय के लिए निवेश और संचालन स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से दी जाएगी।
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इसके अलावा सीएसआईआर से मान्यता प्राप्त अनुसंधान एवं विकास केंद्रों के लिए पूंजीगत और परिचालन सहायता का भी प्रावधान किया गया है। इससे गुरुग्राम में शोध आधारित गतिविधियों और नई तकनीक पर काम करने वाली कंपनियों को बढ़ावा मिलने की संभावना है।
एचएसआईआईडीसी के अधिकारी अरुण गर्ग ने बताया कि जिले की राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र से सीधी कनेक्टिविटी, सड़क और हवाई संपर्क, आधुनिक कार्यालय सुविधाएं तथा कुशल मानव संसाधन इसे जीसीसी निवेश के लिए महत्वपूर्ण स्थान बनाते हैं। सरकार का लक्ष्य निवेश प्रक्रिया को सरल बनाकर कंपनियों के लिए प्रदेश में अपना केंद्र स्थापित करना आसान बनाना है।
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एचएसआईआईडीसी संभावित स्थानों पर जमीन की पहचान कर रहा
आईएमटी मानेसर, सोहना और ग्लोबल सिटी में जीसीसी स्थापित करने की तैयारी
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। मिलेनियम सिटी को वैश्विक क्षमता केंद्र (ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर-जीसीसी) के बड़े हब के रूप में विकसित करने की तैयारी शुरू हो गई है। इसके लिए हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं बुनियादी ढांचा विकास निगम (एचएसआईआईडीसी) की ओर से संभावित स्थानों पर जमीन की पहचान की जा रही है। आईएमटी मानेसर, आईएमटी सोहना और ग्लोबल सिटी में जीसीसी स्थापित करने की संभावनाओं पर काम किया जा रहा है। इससे जिले में निवेश के नए रास्ते खुलने के साथ उच्च वेतन वाली तकनीकी नौकरियों के अवसर बढ़ने की उम्मीद है।
अब तक जिले में बड़ी संख्या में कंपनियों के कॉल सेंटर और बैक ऑफिस संचालन के लिए पहचान रही है। प्रस्तावित जीसीसी व्यवस्था के तहत शहर को इससे आगे ले जाकर एआई, डेटा साइंस, इंजीनियरिंग, वित्तीय सेवाओं, अनुसंधान एवं विकास और अन्य हाईटेक क्षेत्रों का केंद्र बनाने पर जोर है। इससे स्थानीय युवाओं के लिए तकनीकी और विशेषज्ञता आधारित रोजगार के अवसर बढ़ सकते हैं। साथ ही स्टार्टअप, प्रशिक्षण संस्थानों और स्थानीय सेवा क्षेत्र को भी इसका लाभ मिलने की संभावना है।
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जीसीसी नीति-2026 के तहत प्रदेश में निवेश आकर्षित करने के लिए कंपनियों को परिचालन सहायता देने का प्रावधान किया गया है। नीति के अनुसार कंपनियों को पांच से नौ वर्ष तक सहायता मिल सकती है। यह सहायता अधिकतम 15 करोड़ रुपये प्रतिवर्ष तक हो सकती है। शुरुआती वर्षों में मिलने वाली यह सहायता कंपनियों को प्रदेश में लंबे समय के लिए निवेश और संचालन स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से दी जाएगी।
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इसके अलावा सीएसआईआर से मान्यता प्राप्त अनुसंधान एवं विकास केंद्रों के लिए पूंजीगत और परिचालन सहायता का भी प्रावधान किया गया है। इससे गुरुग्राम में शोध आधारित गतिविधियों और नई तकनीक पर काम करने वाली कंपनियों को बढ़ावा मिलने की संभावना है।
एचएसआईआईडीसी के अधिकारी अरुण गर्ग ने बताया कि जिले की राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र से सीधी कनेक्टिविटी, सड़क और हवाई संपर्क, आधुनिक कार्यालय सुविधाएं तथा कुशल मानव संसाधन इसे जीसीसी निवेश के लिए महत्वपूर्ण स्थान बनाते हैं। सरकार का लक्ष्य निवेश प्रक्रिया को सरल बनाकर कंपनियों के लिए प्रदेश में अपना केंद्र स्थापित करना आसान बनाना है।