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Gurugram News: अंडरपास के हादसाग्रस्त हिस्से को गिराने का काम शुरू
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मलबा हटाने के बाद नए सिरे से निर्माण कार्य शुरू होगा
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। डेढ़ महीने पहले धनवापुर अंडरपास के निर्माण के दौरान हुए हादसे के बाद ध्वस्त हुए हिस्से को गिराने का काम शुरू हो गया है। इसको हटाने के बाद नए सिरे से उसके ऊपरी हिस्से का निर्माण किया जाएगा। इस हादसे के बाद पहले से ही देरी से चल रहे अंडरपास प्रोजेक्ट में और देरी हो रही है। गत 3 अगस्त को धनवापुर अंडरपास पर ऊपरी हिस्से का निर्माण कार्य हो रहा था। उसके लिए लगाई गई शटरिंग पर आरसीसी डाली जा रही थी। उसी दौरान शटरिंग गिर गई और इसमें एक मजदूर की मौत हो गई थी। उसी के साथ निर्माण कार्य भी रुक गया था। 20 करोड़ की लागत से बनने वाले 900 मीटर लंबे इस अंडरपास का निर्माण पांच वर्ष पहले शुरू हुआ था। निर्माण के कारण रेलवे लाइन के दोनों ओर बेरीकेड करके रास्ता रोक दिया गया। रास्ता रोके जाने और खुदाई शुरू होने के बाद से स्थानीय लोगों को बेहद परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सूर्य विहार की ओर से शुरू होकर यह द्वारका एक्सप्रेस वे से रास्ते को जोड़गा। धनवापुर सहित सेक्टर-4, सेक्टर-7, सूरत नगर, लक्ष्मण विहार आदि के निवासियों को इस अंडरपास के शुरू होने से राहत मिलेगी।
मजदूर के परिजनों को नहीं मिली राहत राशि
हादसे में मारे गए गुड्डू नाम के मजदूर के परिजनों को अभी भी मुआवजा राशि नहीं मिल पाई है। कर्मचारी भविष्य निधि कार्यालय के प्रवर्तन अधिकारी अमित चौधरी ने हादसे के बाद मौके पर जाकर निरीक्षण किया था। लोक निर्माण विभाग का कहना है कि निर्माण वाला हिस्सा रेलवे का था। रेलवे के दिल्ली कार्यालय से विवरण आना बाकी है। कर्मचारी भविष्य निधि कार्यालय के प्रवर्तन अधिकारी अमित चौधरी ने बताया कि उन्होंने लोक निर्माण विभाग को कारण बताओ नोटिस भी भेज दिया है, जिसके जवाब का इंतजार किया जा रहा है।
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अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। डेढ़ महीने पहले धनवापुर अंडरपास के निर्माण के दौरान हुए हादसे के बाद ध्वस्त हुए हिस्से को गिराने का काम शुरू हो गया है। इसको हटाने के बाद नए सिरे से उसके ऊपरी हिस्से का निर्माण किया जाएगा। इस हादसे के बाद पहले से ही देरी से चल रहे अंडरपास प्रोजेक्ट में और देरी हो रही है। गत 3 अगस्त को धनवापुर अंडरपास पर ऊपरी हिस्से का निर्माण कार्य हो रहा था। उसके लिए लगाई गई शटरिंग पर आरसीसी डाली जा रही थी। उसी दौरान शटरिंग गिर गई और इसमें एक मजदूर की मौत हो गई थी। उसी के साथ निर्माण कार्य भी रुक गया था। 20 करोड़ की लागत से बनने वाले 900 मीटर लंबे इस अंडरपास का निर्माण पांच वर्ष पहले शुरू हुआ था। निर्माण के कारण रेलवे लाइन के दोनों ओर बेरीकेड करके रास्ता रोक दिया गया। रास्ता रोके जाने और खुदाई शुरू होने के बाद से स्थानीय लोगों को बेहद परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सूर्य विहार की ओर से शुरू होकर यह द्वारका एक्सप्रेस वे से रास्ते को जोड़गा। धनवापुर सहित सेक्टर-4, सेक्टर-7, सूरत नगर, लक्ष्मण विहार आदि के निवासियों को इस अंडरपास के शुरू होने से राहत मिलेगी।
मजदूर के परिजनों को नहीं मिली राहत राशि
हादसे में मारे गए गुड्डू नाम के मजदूर के परिजनों को अभी भी मुआवजा राशि नहीं मिल पाई है। कर्मचारी भविष्य निधि कार्यालय के प्रवर्तन अधिकारी अमित चौधरी ने हादसे के बाद मौके पर जाकर निरीक्षण किया था। लोक निर्माण विभाग का कहना है कि निर्माण वाला हिस्सा रेलवे का था। रेलवे के दिल्ली कार्यालय से विवरण आना बाकी है। कर्मचारी भविष्य निधि कार्यालय के प्रवर्तन अधिकारी अमित चौधरी ने बताया कि उन्होंने लोक निर्माण विभाग को कारण बताओ नोटिस भी भेज दिया है, जिसके जवाब का इंतजार किया जा रहा है।
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