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Gurugram News: जलभराव वाले 155 हॉटस्पॉट पर तेजी से कार्य जारी, 700 कैमरों से होगी निगरानी
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मानसून सीजन को देखते हुए शहर में व्यापक स्तर पर तैयारियां तेज
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। आगामी मानसून सीजन को देखते हुए नगर निगम गुरुग्राम द्वारा शहर में व्यापक स्तर पर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। बुधवार को निगमायुक्त प्रदीप दहिया की अध्यक्षता में आयोजित सीवरेज मैनेजमैंट सेल (एसएमसी) व मानसून मैनेजमैंट सेल (एमएमसी) की बैठक में शहर में जलभराव की संभावित समस्याओं, सीवर एवं ड्रेनेज सफाई, संसाधनों की उपलब्धता तथा तैयारियों की समीक्षा की गई। बैठक में मानसून के दौरान नागरिकों को राहत प्रदान करने और जलभराव की समस्या को कम करने के लिए विस्तार से चर्चा की गई। नगर निगम द्वारा लगभग 700 सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से जलभराव की स्थिति की निगरानी की जाएगी। साथ ही फ्लड डेटा बेस तैयार करने, फ्लड डेप्थ सेंसर लगाने तथा नागरिक शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए केंद्रीकृत मॉनिटरिंग सिस्टम विकसित किया जा रहा है।
अधिकारियों ने बैठक में बताया कि गुरुग्राम शहर में कुल 155 जलभराव संभावित हॉटस्पॉट पर तेजी से कार्य चल रहा है। इनमें 41 हाइपर क्रिटिकल, 54 मध्यम श्रेणी तथा 60 सामान्य श्रेणी के पॉइंट शामिल हैं। अधिकारियों ने बताया कि इन हॉटस्पॉट्स पर ड्रेनेज सुधार, सीवर सफाई, डी-सिल्टिंग एवं अन्य तकनीकी कार्य युद्धस्तर पर किए जा रहे हैं। इन प्वाइंट्स पर कार्य 31 मई तक पूरा करने का लक्ष्य है।
ड्रेन एवं सीवर सफाई कार्यों में तेजी
बैठक में जानकारी दी गई कि शहर में कुल 607 किलोमीटर स्टॉर्म वाटर ड्रेन हैं, जिनमें से 408.59 किलोमीटर की सफाई का कार्य पूरा किया जा चुका है। शेष कार्यों को 15 जून तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके अलावा सीवर सफाई एवं रखरखाव से संबंधित 56 टेंडर जारी किए गए हैं। नगर निगम द्वारा मानसून के दौरान त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए 109 पंप एवं लगभग 63 सक्शन टैंकरों की व्यवस्था भी की गई है। वहीं शहर में 40 सीवरेज क्रिटिकल पॉइंट्स चिन्हित करके पिछले मानसून के बाद कार्य शुरू किया गया था। इनमें से 23 प्वाइंट पर कार्य पूरा किया जा चुका है। शेष प्वाइंट पर तेजी से कार्य जारी है, जिसे मानसून से पूर्व पूरा कर लिया जाएगा।
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वार्ड स्तर पर संसाधनों की तैनाती
नगर निगम ने मानसून से निपटने के लिए वार्डवार संसाधनों की मैपिंग भी तैयार की है। इसके तहत विभिन्न वार्डों में सीवरमैन, सुपरवाइजर, सक्शन टैंकर, ट्रैक्टर माउंटेड पंप, जनशक्ति, रोड गली फ्रेम एवं जनरेटर की तैनाती सुनिश्चित की गई है। शहरभर में कुल 269 सीवरमैन, 84 सक्शन टैंकर, 89 ट्रैक्टर माउंटेड पंप तथा 119 बेलदारों की तैनाती की योजना बनाई गई है।
निगमायुक्त प्रदीप दहिया ने इंजीनियरिंग विंग को जलभराव हॉटस्पॉट्स, स्टॉर्म ड्रेन, सीवर लाइन, कैचमेंट एरिया एवं अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर के सुधार कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए। वहीं बागवानी शाखा को पार्कों एवं ग्रीन बेल्ट्स के ग्राउंड लेवल को कम करने तथा वर्षा जल निकासी को बेहतर बनाने के निर्देश दिए गए। इसके अतिरिक्त इलेक्ट्रिकल विंग को सभी स्ट्रीट लाइट एवं बिजली कनेक्शनों की जांच कर सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए, ताकि मानसून के दौरान करंट लगने जैसी दुर्घटनाओं से बचा जा सके।
आरडब्ल्यूए व सामाजिक संगठनों से सहयोग की अपील
नगर निगम द्वारा आरडब्ल्यूए, एनजीओ एवं सामाजिक संगठनों की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया गया। अधिकारियों ने कहा कि ये संस्थाएं स्थानीय स्तर पर जलभराव, क्षतिग्रस्त संपत्तियों एवं अन्य समस्याओं की वास्तविक समय में जानकारी देकर प्रशासन और नागरिकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर सकती हैं। मानसून सीजन के दौरान शहरवासियों को राहत प्रदान करने तथा जलभराव की समस्या को न्यूनतम करने के लिए सभी विभाग समन्वय के साथ कार्य कर रहे हैं और निर्धारित समय सीमा में सभी आवश्यक कार्य पूरे किए जाएंगे। बैठक में अतिरिक्त निगमायुक्त यश जालुका व रविन्द्र यादव, चीफ इंजीनियर विजय ढाका, चीफ टाउन प्लानर संजीव मान सहित कार्यकारी अभियंता व सहायक अभियंता उपस्थित थे।
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अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। आगामी मानसून सीजन को देखते हुए नगर निगम गुरुग्राम द्वारा शहर में व्यापक स्तर पर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। बुधवार को निगमायुक्त प्रदीप दहिया की अध्यक्षता में आयोजित सीवरेज मैनेजमैंट सेल (एसएमसी) व मानसून मैनेजमैंट सेल (एमएमसी) की बैठक में शहर में जलभराव की संभावित समस्याओं, सीवर एवं ड्रेनेज सफाई, संसाधनों की उपलब्धता तथा तैयारियों की समीक्षा की गई। बैठक में मानसून के दौरान नागरिकों को राहत प्रदान करने और जलभराव की समस्या को कम करने के लिए विस्तार से चर्चा की गई। नगर निगम द्वारा लगभग 700 सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से जलभराव की स्थिति की निगरानी की जाएगी। साथ ही फ्लड डेटा बेस तैयार करने, फ्लड डेप्थ सेंसर लगाने तथा नागरिक शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए केंद्रीकृत मॉनिटरिंग सिस्टम विकसित किया जा रहा है।
अधिकारियों ने बैठक में बताया कि गुरुग्राम शहर में कुल 155 जलभराव संभावित हॉटस्पॉट पर तेजी से कार्य चल रहा है। इनमें 41 हाइपर क्रिटिकल, 54 मध्यम श्रेणी तथा 60 सामान्य श्रेणी के पॉइंट शामिल हैं। अधिकारियों ने बताया कि इन हॉटस्पॉट्स पर ड्रेनेज सुधार, सीवर सफाई, डी-सिल्टिंग एवं अन्य तकनीकी कार्य युद्धस्तर पर किए जा रहे हैं। इन प्वाइंट्स पर कार्य 31 मई तक पूरा करने का लक्ष्य है।
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ड्रेन एवं सीवर सफाई कार्यों में तेजी
बैठक में जानकारी दी गई कि शहर में कुल 607 किलोमीटर स्टॉर्म वाटर ड्रेन हैं, जिनमें से 408.59 किलोमीटर की सफाई का कार्य पूरा किया जा चुका है। शेष कार्यों को 15 जून तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके अलावा सीवर सफाई एवं रखरखाव से संबंधित 56 टेंडर जारी किए गए हैं। नगर निगम द्वारा मानसून के दौरान त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए 109 पंप एवं लगभग 63 सक्शन टैंकरों की व्यवस्था भी की गई है। वहीं शहर में 40 सीवरेज क्रिटिकल पॉइंट्स चिन्हित करके पिछले मानसून के बाद कार्य शुरू किया गया था। इनमें से 23 प्वाइंट पर कार्य पूरा किया जा चुका है। शेष प्वाइंट पर तेजी से कार्य जारी है, जिसे मानसून से पूर्व पूरा कर लिया जाएगा।
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वार्ड स्तर पर संसाधनों की तैनाती
नगर निगम ने मानसून से निपटने के लिए वार्डवार संसाधनों की मैपिंग भी तैयार की है। इसके तहत विभिन्न वार्डों में सीवरमैन, सुपरवाइजर, सक्शन टैंकर, ट्रैक्टर माउंटेड पंप, जनशक्ति, रोड गली फ्रेम एवं जनरेटर की तैनाती सुनिश्चित की गई है। शहरभर में कुल 269 सीवरमैन, 84 सक्शन टैंकर, 89 ट्रैक्टर माउंटेड पंप तथा 119 बेलदारों की तैनाती की योजना बनाई गई है।
निगमायुक्त प्रदीप दहिया ने इंजीनियरिंग विंग को जलभराव हॉटस्पॉट्स, स्टॉर्म ड्रेन, सीवर लाइन, कैचमेंट एरिया एवं अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर के सुधार कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए। वहीं बागवानी शाखा को पार्कों एवं ग्रीन बेल्ट्स के ग्राउंड लेवल को कम करने तथा वर्षा जल निकासी को बेहतर बनाने के निर्देश दिए गए। इसके अतिरिक्त इलेक्ट्रिकल विंग को सभी स्ट्रीट लाइट एवं बिजली कनेक्शनों की जांच कर सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए, ताकि मानसून के दौरान करंट लगने जैसी दुर्घटनाओं से बचा जा सके।
आरडब्ल्यूए व सामाजिक संगठनों से सहयोग की अपील
नगर निगम द्वारा आरडब्ल्यूए, एनजीओ एवं सामाजिक संगठनों की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया गया। अधिकारियों ने कहा कि ये संस्थाएं स्थानीय स्तर पर जलभराव, क्षतिग्रस्त संपत्तियों एवं अन्य समस्याओं की वास्तविक समय में जानकारी देकर प्रशासन और नागरिकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर सकती हैं। मानसून सीजन के दौरान शहरवासियों को राहत प्रदान करने तथा जलभराव की समस्या को न्यूनतम करने के लिए सभी विभाग समन्वय के साथ कार्य कर रहे हैं और निर्धारित समय सीमा में सभी आवश्यक कार्य पूरे किए जाएंगे। बैठक में अतिरिक्त निगमायुक्त यश जालुका व रविन्द्र यादव, चीफ इंजीनियर विजय ढाका, चीफ टाउन प्लानर संजीव मान सहित कार्यकारी अभियंता व सहायक अभियंता उपस्थित थे।