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कोविड श्मशान घाटों से लकड़ी खत्म, मशीन खराब
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गुरुग्राम। कोविड घोषित दोनों श्मशान घाटों पर शुक्रवार को लकड़ी खत्म हो गई। गैस पर आधारित मशीन में भी तकनीकी खराबी आ गई। जिसके कारण करीब चार घंटे तक शवों का अंतिम संस्कार नहीं हो सका। इस कारण कई शव अस्पतालों से श्मशानघाट देर शाम को ही पहुंच पाए। इन शवों को श्मशानघाट ले जाने वाली एंबुलेंस के संचालक योगेश राजपूत का कहना है कि श्मशानघाट पर शवों को जलाने के लिए जगह नहीं है। अधिकांश शव एंबुलेंस में रखे हुए हैं। इन शवों का अंतिम संस्कार होने के बाद ही अस्पतालों में रखे शवों को लेकर आ सकेंगे।
जिला प्रशासन ने कोरोना संक्रमण के कारण नौ लोगों की मौत की जानकारी दी है लेकिन शुक्रवार को सुबह से लेकर शाम तक अस्पताल के अलावा घरों से कोविड संक्रमित करीब 30 शव श्मशानघाट पहुंचे। जिनका देर रात तक अंतिम संस्कार कराया। श्मशानघाट के संचालक का कहना है कि अब लकड़ी का संकट खड़ा हो गया है। इस कारण यहां के लिए नूंह से लकड़ी की व्यवस्था कराई जा रही है। नूहं में भी इतनी मात्रा में लकड़ी मिलने की उम्मीद नहीं हैं। यहां के अधिकारियों ने नूहं के जिन अधिकारियों से संपर्क साधा था, वहां से भी कम मात्रा में लकड़ी की व्यवस्था शनिवार दोपहर तक उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया है।
इन हालातों में दूसरे शहर और प्रांतों के दो-दो शवों का एक ही प्लेटफार्म पर अंतिम संस्कार किया जा रहा है। जिन परिवार की ओर से एक ही प्लेटफार्म पर अपने प्रिय के अंतिम संस्कार की बात कही जा रही है। उनसे कहा जा रहा है कि वह अपने स्तर से ही लकड़ी तथा अन्य सामान की व्यवस्था करा दें। कई लोगों ने तो अपने स्तर से व्यवस्था कराई भी और उनके अपनों के शव का देर शाम को अंतिम संस्कार हो सके।
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जिला प्रशासन ने कोरोना संक्रमण के कारण नौ लोगों की मौत की जानकारी दी है लेकिन शुक्रवार को सुबह से लेकर शाम तक अस्पताल के अलावा घरों से कोविड संक्रमित करीब 30 शव श्मशानघाट पहुंचे। जिनका देर रात तक अंतिम संस्कार कराया। श्मशानघाट के संचालक का कहना है कि अब लकड़ी का संकट खड़ा हो गया है। इस कारण यहां के लिए नूंह से लकड़ी की व्यवस्था कराई जा रही है। नूहं में भी इतनी मात्रा में लकड़ी मिलने की उम्मीद नहीं हैं। यहां के अधिकारियों ने नूहं के जिन अधिकारियों से संपर्क साधा था, वहां से भी कम मात्रा में लकड़ी की व्यवस्था शनिवार दोपहर तक उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया है।
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इन हालातों में दूसरे शहर और प्रांतों के दो-दो शवों का एक ही प्लेटफार्म पर अंतिम संस्कार किया जा रहा है। जिन परिवार की ओर से एक ही प्लेटफार्म पर अपने प्रिय के अंतिम संस्कार की बात कही जा रही है। उनसे कहा जा रहा है कि वह अपने स्तर से ही लकड़ी तथा अन्य सामान की व्यवस्था करा दें। कई लोगों ने तो अपने स्तर से व्यवस्था कराई भी और उनके अपनों के शव का देर शाम को अंतिम संस्कार हो सके।
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