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Gurugram News: स्वच्छ रैंकिंग के पैमाने पर खरे उतरेगी या फिर लुढ़केगी मिलेनियम सिटी
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आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय आज जारी कर सकता है स्वच्छ सर्वे की रैंकिंग, पिछले साल 140वें पायदान पर था गुरुग्राम
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय की ओर स्वच्छ सर्वेक्षण 2024-2025 की रिपोर्ट 17 जुलाई को जारी हो सकती है। इस बार शहर को बेहतर रैंक की उम्मीद है। पिछले साल साइबर सिटी प्रदेश स्तर पर चौथे और राष्ट्रीय स्तर पर 140वें स्थान पर थी।
गुरुग्राम में सफाई व्यवस्था प्रमुख मुद्दा रहता है। जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे रहते हैं। कई जगहों पर नगर निगम नियमित सफाई तक नहीं करा पाता है। पिछले साल स्वच्छ सर्वे के दौरान नगर निगम के सफाई का काम अच्छा नहीं रहा था। बीच में सफाई एजेंसी के कारण कूड़ा उठान प्रभावित हुआ था। निगम को उम्मीद है कि इस बार शहर की स्वच्छ सर्वे की रैंकिंग में सुधार होगा।
पिछले साल शहर की रैंकिंग में गिरावट देखने को मिली थी। करीब 600 करोड़ सफाई व्यवस्था पर खर्च करने के बाद भी रैंकिंग में सुधार नहीं होने पर नगर निगम की काफी किरकिरी हुई थी। जिले में गुरुग्राम नगर निगम के अलावा मानेसर नगर निगम, सोहना नगर परिषद, पटौदी और फर्रुखनगर की रैंकिंग जारी होगी।
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पांच वर्गाें में जारी होगी
स्वच्छ सर्वेक्षण में पहली बार, शहरों को जनसंख्या के आधार पर पांच श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया है। इनमें बहुत छोटे शहर 20,000 जनसंख्या, छोटे शहर: 20,000-50,000 जनसंख्या, मध्यम शहर 50,000-3 लाख जनसंख्या, बड़े शहर 3-10 लाख जनसंख्या और 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहर शामिल हैं। प्रत्येक श्रेणी का मूल्यांकन उसके आकार और विशिष्ट आवश्यकताओं के अनुरूप मानकों के आधार पर किया गया है।
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अब तक की रैंकिंग
साल रैंकिंग
2016 37
2017 112
2018 105
2019 83
2020 62
2021 24
2022 19
2023 140
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क्या कहते हैं शहरवासी
नगर निगम के सफाई व्यवस्था को लेकर गंभीर नहीं है। कई जगहों पर नियमित सफाई नहीं हो पा रही है। -वीएमके सिंह, सनसिटी
नगर निगम के पास संसाधनों की कमी नहीं है। करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद भी सफाई व्यवस्था ठीक नहीं है। महाराम यादव, खेड़कीदौला
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अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय की ओर स्वच्छ सर्वेक्षण 2024-2025 की रिपोर्ट 17 जुलाई को जारी हो सकती है। इस बार शहर को बेहतर रैंक की उम्मीद है। पिछले साल साइबर सिटी प्रदेश स्तर पर चौथे और राष्ट्रीय स्तर पर 140वें स्थान पर थी।
गुरुग्राम में सफाई व्यवस्था प्रमुख मुद्दा रहता है। जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे रहते हैं। कई जगहों पर नगर निगम नियमित सफाई तक नहीं करा पाता है। पिछले साल स्वच्छ सर्वे के दौरान नगर निगम के सफाई का काम अच्छा नहीं रहा था। बीच में सफाई एजेंसी के कारण कूड़ा उठान प्रभावित हुआ था। निगम को उम्मीद है कि इस बार शहर की स्वच्छ सर्वे की रैंकिंग में सुधार होगा।
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पिछले साल शहर की रैंकिंग में गिरावट देखने को मिली थी। करीब 600 करोड़ सफाई व्यवस्था पर खर्च करने के बाद भी रैंकिंग में सुधार नहीं होने पर नगर निगम की काफी किरकिरी हुई थी। जिले में गुरुग्राम नगर निगम के अलावा मानेसर नगर निगम, सोहना नगर परिषद, पटौदी और फर्रुखनगर की रैंकिंग जारी होगी।
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पांच वर्गाें में जारी होगी
स्वच्छ सर्वेक्षण में पहली बार, शहरों को जनसंख्या के आधार पर पांच श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया है। इनमें बहुत छोटे शहर 20,000 जनसंख्या, छोटे शहर: 20,000-50,000 जनसंख्या, मध्यम शहर 50,000-3 लाख जनसंख्या, बड़े शहर 3-10 लाख जनसंख्या और 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहर शामिल हैं। प्रत्येक श्रेणी का मूल्यांकन उसके आकार और विशिष्ट आवश्यकताओं के अनुरूप मानकों के आधार पर किया गया है।
अब तक की रैंकिंग
साल रैंकिंग
2016 37
2017 112
2018 105
2019 83
2020 62
2021 24
2022 19
2023 140
क्या कहते हैं शहरवासी
नगर निगम के सफाई व्यवस्था को लेकर गंभीर नहीं है। कई जगहों पर नियमित सफाई नहीं हो पा रही है। -वीएमके सिंह, सनसिटी
नगर निगम के पास संसाधनों की कमी नहीं है। करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद भी सफाई व्यवस्था ठीक नहीं है। महाराम यादव, खेड़कीदौला