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चार विभागों के दावे फेल, आधा दर्जन से ज्यादा जगहों पर हुआ जलभराव
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ुरुग्राम सेक्टर-37सी रोड पर बारिश के बाद जलभराव
- फोटो : Gurgaon
गुरुग्राम। शहर में शनिवार देर रात शुरू हुई तेज बारिश ने चार विभागों के दावों की पोल खोल दी है। हर वर्ष की भांति इस बार भी जलभराव की रोकथाम के दावे बारिश के पानी में ही बह गए। नगर निगम, गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण, एनएचएआई और ट्रैफिक पुलिस की तैयारी मानसून की पहली बारिश में ही धरी की धरी रह गई। देर रात हुई बारिश के कारण शहर में आधा दर्जन से ज्यादा मुख्य सड़कों और चौराहों पर जलभराव हुआ।
वहीं, सेक्टर और कई कॉलोनियों की गली में पानी भरने से लोगों को सुबह के समय कई घंटों घरों में कैद रहना पड़ा। नगर निगम और जीएमडीए की टीमें रविवार दोपहर बाद तक पानी निकालने में लगे रहे, जबकि दावा किया था कि इस बार शहर में जलभराव नहीं होगा।
दरअसल, नगर निगम के आयुक्त विनय प्रताप सिंह ने शुक्रवार को पत्रकारवार्ता के दौरान दावा किया था कि नगर निगम, जीएमडीए, एनएचएआई और ट्रैफिक पुलिस ने मिलकर जलभराव की रोकथाम के लिए पुख्ता प्रबंध कर लिए हैं, लेकिन बावजूद इसके शहर में काफी जगहों पर जलभराव हो गया।
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तय समय पर नहीं हुई बरसाती नालों की सफाई
नगर निगम की ओर से 1600 किलोमीटर बरसाती नालों की सफाई के लिए करीब 30 करोड़ रुपये से ज्यादा के कार्य के निविदा आमंत्रित की गई थी। जून के अंत तक इनकी निविदा प्रक्रिया ही पूरी नहीं हो पाई। ऐसे में नगर निगम अभी तक बरसाती नालों की सफाई कार्य व बनाने कार्य भी शुरू नहीं कर पाया है। वहीं शहर के सभी मुख्य बरसाती नाले जीएमडीए के पास आते हैं। इसके लिए भी जीएमडीए ने बरसाती नालों की सफाई के करोड़ों रुपये के तीन टेंडर लगाए थे, लेकिन यहां की सफाई का कार्य शुरू नहीं कर पाया है।
इन जगहों पर हुआ सबसे ज्यादा जलभराव
सिग्नेचर चौक, रामपुरा फ्लाई ओवर, सिविल लाइन, शीतला माता रोड, नरसिंहपुर एक्सप्रेस-वे, सिद्धेश्वर चौक, ओल्ड रेलवे रोड, हंस इंक्लेव हाईवे के पास। इसके लिए पुराने गुरुग्राम में राजीव कॉलोनी, राजेंद्रा पार्क, पटेल नगर, हरिनगर, कादिपुर उद्यौगिक क्षेत्र, गांव बसई, लक्ष्मण विहार, सूरत नगर आदि।
कोट
जलभराव से निपटने के लिए पुख्ता इंतजाम किए हुए हैं, जहां भी जलभराव होने की शिकायत प्राप्त होती है, 30 मिनट में नगर निगम की टीम टैंकर के साथ पहुंच कर समस्या का निवारण करती है।
-विनय प्रताप सिंह, निगमायुक्त, नगर निगम, गुरुग्राम।
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वहीं, सेक्टर और कई कॉलोनियों की गली में पानी भरने से लोगों को सुबह के समय कई घंटों घरों में कैद रहना पड़ा। नगर निगम और जीएमडीए की टीमें रविवार दोपहर बाद तक पानी निकालने में लगे रहे, जबकि दावा किया था कि इस बार शहर में जलभराव नहीं होगा।
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दरअसल, नगर निगम के आयुक्त विनय प्रताप सिंह ने शुक्रवार को पत्रकारवार्ता के दौरान दावा किया था कि नगर निगम, जीएमडीए, एनएचएआई और ट्रैफिक पुलिस ने मिलकर जलभराव की रोकथाम के लिए पुख्ता प्रबंध कर लिए हैं, लेकिन बावजूद इसके शहर में काफी जगहों पर जलभराव हो गया।
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तय समय पर नहीं हुई बरसाती नालों की सफाई
नगर निगम की ओर से 1600 किलोमीटर बरसाती नालों की सफाई के लिए करीब 30 करोड़ रुपये से ज्यादा के कार्य के निविदा आमंत्रित की गई थी। जून के अंत तक इनकी निविदा प्रक्रिया ही पूरी नहीं हो पाई। ऐसे में नगर निगम अभी तक बरसाती नालों की सफाई कार्य व बनाने कार्य भी शुरू नहीं कर पाया है। वहीं शहर के सभी मुख्य बरसाती नाले जीएमडीए के पास आते हैं। इसके लिए भी जीएमडीए ने बरसाती नालों की सफाई के करोड़ों रुपये के तीन टेंडर लगाए थे, लेकिन यहां की सफाई का कार्य शुरू नहीं कर पाया है।
इन जगहों पर हुआ सबसे ज्यादा जलभराव
सिग्नेचर चौक, रामपुरा फ्लाई ओवर, सिविल लाइन, शीतला माता रोड, नरसिंहपुर एक्सप्रेस-वे, सिद्धेश्वर चौक, ओल्ड रेलवे रोड, हंस इंक्लेव हाईवे के पास। इसके लिए पुराने गुरुग्राम में राजीव कॉलोनी, राजेंद्रा पार्क, पटेल नगर, हरिनगर, कादिपुर उद्यौगिक क्षेत्र, गांव बसई, लक्ष्मण विहार, सूरत नगर आदि।
कोट
जलभराव से निपटने के लिए पुख्ता इंतजाम किए हुए हैं, जहां भी जलभराव होने की शिकायत प्राप्त होती है, 30 मिनट में नगर निगम की टीम टैंकर के साथ पहुंच कर समस्या का निवारण करती है।
-विनय प्रताप सिंह, निगमायुक्त, नगर निगम, गुरुग्राम।