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Gurugram News: गांव बालोज में मूलभूत सुविधाएं नहीं, लोग परेशान

Thu, 01 Jun 2023 10:12 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Thu, 01 Jun 2023 10:12 PM IST
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Village Baloj lacks basic facilities, people upset
बालोज की सुख-सुविधाओं में अड़ंगा अरावली पर्वतमाला
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बिजली, पानी, सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार से वंचित ग्रामीण
6 कमरों का स्कूल बनाकर मूलभूत सुविधाएं नहीं दे रही राजस्थान सरकार
राजूद्दीन जंग
नगीना/तिजारा। शायद ही देश में बालोज जैसा अभागा गांव होगा जो सदियों से दूसरे प्रदेश की सुख-सुविधाओं पर निर्भर हो। अरावली पर्वतमालाओं के रास्ते गांव तक पहुंचना नामुमकिन है, इसलिए लोग 6 किलोमीटर के फासले को नगीना वाया फिरोजपुर झिरका होते हुए 46 किलोमीटर के फेर से तय करते हैं। गांव बालोज तिजारा उपमंडल की ग्राम पंचायत सरेटा का हिस्सा है। अपने गांव को आपस में जोड़ने के लिए ग्राम पंचायत कोई प्रयास नहीं कर रही। अगर अरावली को काटकर गांव सरेटा से गांव बालोज तक सड़क बना दी जाए तो ग्राम पंचायत के दोनों गांव की दूरी महज 4 किलोमीटर है। राजस्थान सरकार की 1500 भूमि गांव बालोज में है, यहां के लोग पिछले साल से हरियाणा राज्य में मिलने के लिए प्रधानमंत्री से गुहार लगा रहे हैं। मौजूदा वक्त में 6 कमरों का प्राथमिक स्कूल राजस्थान सरकार द्वारा 15 साल पहले बनाया गया था। लगभग 100 घरों की आबादी को नगीना से बिजली, पानी, सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार के अवसर मिलते हैं। गांव में 20 घर ऐसे हैं, जिनके मतदाता दोनों प्रदेशों में मतदान करते हैं।

दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम नगीना की तरफ से नगीना के गांव नांगल मुबारिकपुर, फकरपुर खोरी व सरुपबास से लोगों ने बिजली ले रखी है। कुछ मीटर भी लगवाए हुए हैं। मजबूरी में कुछ परिवार चोरी-छिपे अपने घरों को रोशन कर रहे हैं।
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इस अभागे गांव के ग्रामीण रेत के विशालकाय टीलों पर कच्चे-पक्के घर बनाकर रहते हैं। लोगों का जीवन यापन पशुपालन और खेती-बाड़ी पर निर्भर है। ऐसे हालात में लोगों का कहना है कि हम तो राजस्थान का हिस्सा ही नहीं हैं, हम तो हरियाणा की सुविधाओं को लेने के लिए मोहताज हैं।
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गांव बालोज के इब्राहिम, मुश्ताक, महफूज, मोइनूदीन, आदिल खान ने बताया कि हमारे पूर्वजों की कई पीढ़ियां बीत गईं। कोई सुख सुविधा राजस्थान सरकार की तरफ से नहीं मिलती। औरतों की डिलीवरी भी नगीना के अस्पतालों में होती है। बिजली, सड़क और अन्य संसाधन हरियाणा के इस्तेमाल करते हैं।
गांव बालोज में पैदा हुए साहिल खान, मोहसिन, तैयब हुसैन, अहमद हसन, वसीम, सद्दाम, इम्तियाज, यूसूफ, इरसाद, सोयेब, तौफिक, हैदर कहते हैं कि 6 कमरों का एक स्कूल है, कई महीने से शिक्षक गैरहाजिर चल रहा है, सरपंच भी ध्यान नहीं देता है।

डॉ. जितेंद्र कुमार सोनी, जिला कलेक्टर अलवर का कहना है कि एसडीएम को दौरा करने के लिए भेजा जाएगा, जो कमियां हैं वे दूर होंगी। राजस्थान सरकार द्वारा जारी योजनाओं का लाभ गांव बालोज को मिलेगा।
कैप्शन: गांव बालोज का प्राथमिक स्कूल।
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