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नए साल से गुरुग्राम-सोहना हाईवे पर सफर होगा मंहगा
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गुरुग्राम। गुरुग्राम-सोहना हाईवे पर सफर करने वाले वाहन चालकों को एक जनवरी से अपनी जेब ढीली करनी होगी। यहां एक जनवरी से टोल वसूली की तैयारियां की ली गई है। फिलहाल टोल की दरों को सड़क एवं परिवहन मंत्रालय की मंजूरी का इंतजार है। अनुमान लगाया जा रहा है कि यहां खेड़कीदौला और फरीदाबाद रोड से अधिक वसूली की जा सकती है। गुरुग्राम के एयरफोर्स स्टेशन से बादशाहपुर के बीएसएफ कैंप तक का पैकेज कुल 8.94 किलोमीटर का है और इसकी कुल लागत 800 करोड़ रुपये है।
यह पूरा हिस्सा एलिवेटेड है। बीएसएफ कैंप से सोहना तक दूसरा पैकेज 12.71 किलोमीटर का है और इसकी कुल लागत 666 करोड़ रुपये हैं। दोनों पैकेज का निर्माण अलग-अलग कंपनियां कर रही है। पहला पैकेज पूरा एलिवेटेड होगा, जबकि दूसरे पैकेज में तीन फ्लाईओवर बनाए गए हैं। 21.65 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड कॉरिडोर की कुल लागत करीब 1500 करोड़ रुपये हैं। इसकी लागत के अनुरूप ही यहां टोल वसूली की संभावना है। चार एजेंसियों के नाम फाइनल स्वीकृति के लिए मुख्यालय भेज दिए गए हैं। मुख्यालय की ओर से शर्तों को पूरा करने वाली एजेंसी को टोल वसूली की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। टोल प्लाजा के लिए 22 लेन बनाई गई है। दोनों तरफ आने-जाने की 11-11 लेन होंगी। सभी लेन हाइब्रिड मोड में तैयार की गई है। प्रत्येक लेन पर एफआरआईडी रीडिंग मशीनें लगा दी गई हैं। सोहना रोड से मेवात, पलवल और राजस्थान के अलवर समेत अन्य जिलों में जाने वालों की जेब पर अब अतिरिक्त भार पड़ेगा।
बगैर फास्टैग दोगुनी वसूली :
खेड़कीदौला और फरीदाबाद रोड टोल की तर्ज पर यहां भी फास्टैग से भुगतान मान्य होगा। बगैर फास्टैग वाले वाहनों से दोगुनी वसूली की जाएगी। गुरुग्राम से सोहना तक सोहना एलिवेटेड कॉरिडोर और इससे आगे अलवर तक एनएच 248ए का दर्जा दिया गया है। पैकेज एक में राजीव चौक से बीएसएफ कैंप तक परियोजना का 70 फीसदी काम और पैकेज दो में बीएसएफ से सोहना के बीच 73 फीसदी काम पूरा कर लिया गया है। एनएचएआई ने पैकेज दो में काम जनवरी 2022 तक और पैकेज वन में काम मई 2022 तक पूरा करने की समय सीमा तय की है।
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यह पूरा हिस्सा एलिवेटेड है। बीएसएफ कैंप से सोहना तक दूसरा पैकेज 12.71 किलोमीटर का है और इसकी कुल लागत 666 करोड़ रुपये हैं। दोनों पैकेज का निर्माण अलग-अलग कंपनियां कर रही है। पहला पैकेज पूरा एलिवेटेड होगा, जबकि दूसरे पैकेज में तीन फ्लाईओवर बनाए गए हैं। 21.65 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड कॉरिडोर की कुल लागत करीब 1500 करोड़ रुपये हैं। इसकी लागत के अनुरूप ही यहां टोल वसूली की संभावना है। चार एजेंसियों के नाम फाइनल स्वीकृति के लिए मुख्यालय भेज दिए गए हैं। मुख्यालय की ओर से शर्तों को पूरा करने वाली एजेंसी को टोल वसूली की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। टोल प्लाजा के लिए 22 लेन बनाई गई है। दोनों तरफ आने-जाने की 11-11 लेन होंगी। सभी लेन हाइब्रिड मोड में तैयार की गई है। प्रत्येक लेन पर एफआरआईडी रीडिंग मशीनें लगा दी गई हैं। सोहना रोड से मेवात, पलवल और राजस्थान के अलवर समेत अन्य जिलों में जाने वालों की जेब पर अब अतिरिक्त भार पड़ेगा।
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बगैर फास्टैग दोगुनी वसूली :
खेड़कीदौला और फरीदाबाद रोड टोल की तर्ज पर यहां भी फास्टैग से भुगतान मान्य होगा। बगैर फास्टैग वाले वाहनों से दोगुनी वसूली की जाएगी। गुरुग्राम से सोहना तक सोहना एलिवेटेड कॉरिडोर और इससे आगे अलवर तक एनएच 248ए का दर्जा दिया गया है। पैकेज एक में राजीव चौक से बीएसएफ कैंप तक परियोजना का 70 फीसदी काम और पैकेज दो में बीएसएफ से सोहना के बीच 73 फीसदी काम पूरा कर लिया गया है। एनएचएआई ने पैकेज दो में काम जनवरी 2022 तक और पैकेज वन में काम मई 2022 तक पूरा करने की समय सीमा तय की है।
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