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ट्रांसपोर्टरों की हड़ताल टली
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गुरुग्राम। ई-वे बिल सिस्टम में बदलाव और डीजल की बढ़ती कीमतों के विरोध में शुक्रवार को होने वाली ट्रांसपोर्टरों की हड़ताल फिलहाल टाल दी गई है।
इस हड़ताल में गुरुग्राम जिले से लगभग 250 ट्रांसपोर्टरों के शामिल होने की संभावना थी। ट्रांसपोर्ट वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान एचएस शर्मा ने बताया कि ई-वे बिल के नए नियम के विरोध में ट्रांसपोर्टर हड़ताल पर जाने वाले थे, लेकिन वर्तमान की परिस्थितियों को देखते हुए हड़ताल को टाल दिया गया है। अब सभी ट्रांसपोर्टर यूनियनें बैठक करके आगामी रणनीति पर कार्य करेंगी। एचएस शर्मा ने बताया कि ई-वे बिल में हुए बदलावों के कारण ट्रांसपोर्टरों को रास्ते में गाड़ियां रुकने पर हजारों रुपये पेनल्टी देनी पड़ती है। नए नियम के अनुसार, किसी भी सामान को 24 घंटे में 200 किलोमीटर तक पहुंचाना तय किया गया है। लेकिन कई स्थानों पर सामान उतारने में काफी समय लग जाता है, ऐसे में निर्धारित समय पर गाड़ी गंतव्य तक नहीं पहुंच पाती।
ऐसे में ई-वे बिल की तारीख निकलने पर ट्रांसपोर्टर से बिल्टी के बराबर जुर्माना वसूला जा रहा है, जिससे ट्रांसपोर्टरों को काफी नुकसान हो रहा है। उन्होंने बताया बृहस्पतिवार को ट्रांसपोर्टरों की बैठक हुई है, जिसमें हरियाणा प्रदेश में फिलहाल हड़ताल नहीं किए जाने पर सहमति बनी है, क्योंकि लगभग एक साल से कोरोना महामारी और पिछले कई महीनों से किसान आंदोलन के कारण कार्य ठप चल रहा है, ऐसे में आगामी रणनीति तैयार करके ही हड़ताल की जाएगी।
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इस हड़ताल में गुरुग्राम जिले से लगभग 250 ट्रांसपोर्टरों के शामिल होने की संभावना थी। ट्रांसपोर्ट वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान एचएस शर्मा ने बताया कि ई-वे बिल के नए नियम के विरोध में ट्रांसपोर्टर हड़ताल पर जाने वाले थे, लेकिन वर्तमान की परिस्थितियों को देखते हुए हड़ताल को टाल दिया गया है। अब सभी ट्रांसपोर्टर यूनियनें बैठक करके आगामी रणनीति पर कार्य करेंगी। एचएस शर्मा ने बताया कि ई-वे बिल में हुए बदलावों के कारण ट्रांसपोर्टरों को रास्ते में गाड़ियां रुकने पर हजारों रुपये पेनल्टी देनी पड़ती है। नए नियम के अनुसार, किसी भी सामान को 24 घंटे में 200 किलोमीटर तक पहुंचाना तय किया गया है। लेकिन कई स्थानों पर सामान उतारने में काफी समय लग जाता है, ऐसे में निर्धारित समय पर गाड़ी गंतव्य तक नहीं पहुंच पाती।
ऐसे में ई-वे बिल की तारीख निकलने पर ट्रांसपोर्टर से बिल्टी के बराबर जुर्माना वसूला जा रहा है, जिससे ट्रांसपोर्टरों को काफी नुकसान हो रहा है। उन्होंने बताया बृहस्पतिवार को ट्रांसपोर्टरों की बैठक हुई है, जिसमें हरियाणा प्रदेश में फिलहाल हड़ताल नहीं किए जाने पर सहमति बनी है, क्योंकि लगभग एक साल से कोरोना महामारी और पिछले कई महीनों से किसान आंदोलन के कारण कार्य ठप चल रहा है, ऐसे में आगामी रणनीति तैयार करके ही हड़ताल की जाएगी।
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