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Gurugram News: ग्रामीण विकास कार्यों में आएगी पारदर्शिता

Sun, 19 Mar 2023 05:41 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sun, 19 Mar 2023 05:41 PM IST
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Transparency will come in rural development works
अब ग्रामीण ही करेंगे सरपंच के काम की निगरानी, सरकार को देंगे रिपोर्ट
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सरकार के नए फैसले से ग्रामीण विकास में बढ़ेगी गुणवत्ता, मिलेगी रफ्तार
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। अब ग्रामीण विकास कार्यों में भी पारदर्शिता आएगी और गांवों में होने वाले निर्माण कार्यों की सोशल ऑडिट हो सकेगी। भ्रष्टाचार पर प्रहार करते हुए प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने चार दिन पहले ही गांवों में पारदर्शी शासन की नई पहल करते हुए गांवों के निर्माण और विकास कार्यों की सोशल ऑडिट कराने की घोषणा की है। यह ऑडिट खुद ग्रामीण ही करेंगे। यानी अब गांवों में पंचायतों की ओर से होने वाले विकास कार्यों की निगरानी गांव के कुछ मौजिज लोग करेंगे। गांवों में विशेष निगरानी कमेटियां बनेंगी। इनकी खासियत यह होगी कि इन कमेटियों में सरपंच अपने चहेतों को शामिल नहीं कर सकेगा। बल्कि कमेटी में शामिल होने वाले लोगों के लिए सरकार एक विशेष परफॉर्मा तैयार करेगी। उस परफॉर्मा में तय शर्तों के आधार पर ही कमेटी के सदस्यों का चयन होगा। इस कमेटी में गांव की पढ़ी-लिखी महिलाओं भी शामिल होंगी।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने 15 मार्च को सरपंचों के आंदोलन के बीच यह घोषणा कर गांवों में भ्रष्टाचार खत्म करने का एक मजबूत कदम बढ़ाया है। सरकार के इस फैसले के बाद गांवों के विकास कार्यों में सरपंचों की मनमानी पर रोक लग पाएगी।
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बढ़ेगी निर्माण की गुणवत्ता
ऑडिट कमेटियां गठित होने के बाद गांवों में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता बढ़ेगी। अब तक सरपंच से मिलीभगत कर ठेकेदार घटिया और तय मानकों के अनुरूप निर्माण सामग्री का इस्तेमाल नहीं करते थे। अनेक गांवों से विकास एवं पंचायत विभाग को लगातार ऐसी शिकायतें मिली हैं, जिनमें घटिया निर्माण सामग्री के इस्तेमाल का आरोप है। कई गांवों में गली निर्माण तो कई गांवों में पंचायत भवन तक का निर्माण तय मानकों के अनुरूप नहीं किया गया है। अब जबकि गांवों के मौजिज लोगों का ही एक दल निर्माण कार्यों की जांच करेगा तो ठेकेदार और सरपंच सांठगांठ कर घटिया काम नहीं कर सकेंगे।
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ग्रामीणों में खुशी
सरकार के इस फैसले से ग्रामीणों में खुशी है। ग्रामीणों का कहना है कि निसंदेह इससे सरपंचों की मनमर्जी पर लगाम लग सकेगी। जमालपुर के सरपंच रहे मनोज यादव के अनुसार मुख्यमंत्री का यह फैसला ग्रामीण विकास में भ्रष्टाचार पर करारी चोट है। उन्होंने कहा कि सरपंच की सोशल ऑडिट के साथ ही ग्राम सचिव की सालाना गोपनीय रिपोर्ट (एसीआर) में सरपंच भी अब अपनी टिप्पणी लिख सकेगा। कई मौकों पर देखा गया है ग्राम सचिव के स्तर पर विकास कार्यों में भारी घोटाला किया जाता है। अब यह भी रुक सकेका।

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सरकार का भ्रष्टाचार रोकने की दिशा में एक बेहतरीन कदम है। इससे गांवों का व्यवस्थित और गुणवत्ता परक विकास हो सकेगा।
- मास्टर कुलदीप
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सरपंच और ठेकेदार की मिलीभगत पर रोक लगेगी। पहले गांव वालों को पता ही नहीं होता था कि किस विकास कार्य के लिए सरकार ने कितनी राशि जारी की है। इस कदम से ग्रामीण विकास में पारदर्शिता आएगी।
रमेश कुमार भाटोटिया
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