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Gurugram News: कर्ज लेकर खेती की, फसल सड़ी, किस्त सर पर खड़ी
Sat, 23 Aug 2025 11:24 PM IST
नोएडा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गुरुग्राम
संवाद न्यूज एजेंसी, गुरुग्राम
Updated Sat, 23 Aug 2025 11:24 PM IST
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जिले में पांच हजार एकड़ भूमि में कपास की फसल, आधी से ज्यादा सड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी
नूंह। पिछले दिनों हुई भारी बारिश ने जिले के किसानों को बरबाद कर दिया। सबसे बड़ा झटका कपास की खेती करने वाले किसानों को लगा है। खेतों में खड़ी फसल पानी में डूब गई है, जिससे पौधे सड़ने-गलने लगे हैं। किसानों ने उधार कर्जा लेकर जैसे तैसे बुवाई-बिजाई की थी। फसल तो सड़ गई, ऊपर से लोन की किस्तें भी किसानों के सर पर सवार हैं। कई जगहों पर तो पूरी की पूरी फसल बर्बाद हो चुकी है।
किसान अब सरकार और प्रशासन की ओर टकटकी लगाए बैठे हैं कि कब विशेष गिरदावरी होगी और कब उन्हें नुकसान की भरपाई के लिए मुआवजा मिलेगा। अभी तक प्रशासन और कृषि विभाग की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। नूंह जिले के तावडू, इंडरी, पिनगवां, रोजकामेव, नगीना, फिरोजपुर झिरका और पुन्हाना क्षेत्रों में कपास की फसल का रकबा बड़ा है। जिले में करीब पांच हजार एकड़ से अधिक फसल है। जिले में औसतन 600 एमएम बारिश हुई है जो हर वर्ष से 175 एमएम ज्यादा है। कपास के पौधों में जड़ सड़न और पत्तों में रोग फैलकर खत्म हो गई। जिन किसानों ने कीटनाशक और खाद में भारी निवेश किया था, उनकी मेहनत बेकार हो गई है।
किसानों की भी सुनो
मेरी आठ एकड़ कपास की फसल थी, जिसमें से आधी खेत में ही सड़ चुकी है। गिरदावरी कब होगी, यही चिंता है। बिना सरकारी मदद के दोबारा खेती करना नामुमकिन है।
- चंद्रपाल, किसान आलदोका
:::
कर्ज लेकर खेती की थी। अब न फसल बची है, न उधार चुकाने के साधन। सरकार ने वादा किया था कि हर नुकसान की भरपाई होगी, लेकिन अधिकारी गांव तक नहीं पहुंचे।
- रविंद्र पंवार, इंडरी
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बारिश से कपास की जड़ें गल गईं। हमारी हालत देखकर भी कृषि विभाग चुप है। अगर समय रहते मदद नहीं मिली तो परिवार का गुजारा करना मुश्किल हो जाएगा।
- जमील अहमद, खेड़ला
तुरंत हो विशेष गिरदावरी
किसानों ने जोर देकर कहा है कि जिले में विशेष गिरदावरी अभियान चलाया जाए। इसमें अधिकारी गांव-गांव जाकर वास्तविक नुकसान का आकलन करें। किसानों का कहना है कि बरसात से सिर्फ कपास ही नहीं, बल्कि बाजरा और सब्जियों की फसल भी प्रभावित हुई है। यदि प्रशासन ने तुरंत कदम नहीं उठाए तो हजारों किसान कर्ज और बेरोजगारी के दलदल में धंस जाएंगे।
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बारिश से कपास की खेती में नुकसान है, जिन किसानों फसल बीमा कराया हुआ है वो अपनी शिकायत दें। ताकि भरपाई हो सके। अभी विशेष गिरदावरी के कोई आदेश नहीं हैं।
- वीरेंद्र सिंह, उपनिदेशक कृषि विभाग नूंह
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संवाद न्यूज एजेंसी
नूंह। पिछले दिनों हुई भारी बारिश ने जिले के किसानों को बरबाद कर दिया। सबसे बड़ा झटका कपास की खेती करने वाले किसानों को लगा है। खेतों में खड़ी फसल पानी में डूब गई है, जिससे पौधे सड़ने-गलने लगे हैं। किसानों ने उधार कर्जा लेकर जैसे तैसे बुवाई-बिजाई की थी। फसल तो सड़ गई, ऊपर से लोन की किस्तें भी किसानों के सर पर सवार हैं। कई जगहों पर तो पूरी की पूरी फसल बर्बाद हो चुकी है।
किसान अब सरकार और प्रशासन की ओर टकटकी लगाए बैठे हैं कि कब विशेष गिरदावरी होगी और कब उन्हें नुकसान की भरपाई के लिए मुआवजा मिलेगा। अभी तक प्रशासन और कृषि विभाग की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। नूंह जिले के तावडू, इंडरी, पिनगवां, रोजकामेव, नगीना, फिरोजपुर झिरका और पुन्हाना क्षेत्रों में कपास की फसल का रकबा बड़ा है। जिले में करीब पांच हजार एकड़ से अधिक फसल है। जिले में औसतन 600 एमएम बारिश हुई है जो हर वर्ष से 175 एमएम ज्यादा है। कपास के पौधों में जड़ सड़न और पत्तों में रोग फैलकर खत्म हो गई। जिन किसानों ने कीटनाशक और खाद में भारी निवेश किया था, उनकी मेहनत बेकार हो गई है।
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किसानों की भी सुनो
मेरी आठ एकड़ कपास की फसल थी, जिसमें से आधी खेत में ही सड़ चुकी है। गिरदावरी कब होगी, यही चिंता है। बिना सरकारी मदद के दोबारा खेती करना नामुमकिन है।
- चंद्रपाल, किसान आलदोका
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कर्ज लेकर खेती की थी। अब न फसल बची है, न उधार चुकाने के साधन। सरकार ने वादा किया था कि हर नुकसान की भरपाई होगी, लेकिन अधिकारी गांव तक नहीं पहुंचे।
- रविंद्र पंवार, इंडरी
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बारिश से कपास की जड़ें गल गईं। हमारी हालत देखकर भी कृषि विभाग चुप है। अगर समय रहते मदद नहीं मिली तो परिवार का गुजारा करना मुश्किल हो जाएगा।
- जमील अहमद, खेड़ला
तुरंत हो विशेष गिरदावरी
किसानों ने जोर देकर कहा है कि जिले में विशेष गिरदावरी अभियान चलाया जाए। इसमें अधिकारी गांव-गांव जाकर वास्तविक नुकसान का आकलन करें। किसानों का कहना है कि बरसात से सिर्फ कपास ही नहीं, बल्कि बाजरा और सब्जियों की फसल भी प्रभावित हुई है। यदि प्रशासन ने तुरंत कदम नहीं उठाए तो हजारों किसान कर्ज और बेरोजगारी के दलदल में धंस जाएंगे।
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बारिश से कपास की खेती में नुकसान है, जिन किसानों फसल बीमा कराया हुआ है वो अपनी शिकायत दें। ताकि भरपाई हो सके। अभी विशेष गिरदावरी के कोई आदेश नहीं हैं।
- वीरेंद्र सिंह, उपनिदेशक कृषि विभाग नूंह